यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 01, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
19 बच्चों की मौत से अस्पताल में हड़कंप
बहराइच : जिला अस्पताल में बच्चों की होने वाली मौतों का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है। सात दिनों में 19 मा

बहराइच : जिला अस्पताल में बच्चों की होने वाली मौतों का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है। सात दिनों में 19 मासूमों की हुई मौतों से जिला प्रशासन के माथे पर ¨चता की लकीरें गहराने लगी हैं। इस दौरान 348 बाल रोगियों को भर्ती कराया गया था। मौतों का कारण बुखार, डायरिया, बर्थ एसफिक्सिया, निमोनिया व अन्य रोग बताए जा रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि जब बच्चों की हालत गंभीर हो जाती है तो उन्हें जिला अस्पताल लाया जाता है। तराई में पल-पल बदल रहा मौसम मासूमों पर कहर बनकर टूट रहा है। हल्की सी बरसात होने के बाद निकलने वाली तेज धूप संक्रामक रोगों को बढ़ावा दे रही है।
इन बच्चों की हुई मौत
जिला अस्पताल में दौरान फखरपुर के बुबकापुर निवासी ननके, कैसरगंज के कस्बा निवासी नितीश व शिवानी, नानपारा निवासी संदीप का नवजात पुत्र, दरगाह थाना क्षेत्र के शिवानी, नगर कोतवाली क्षेत्र के खत्रीपुरा निवासी शहजाल, फखरपुर निवासी मनोज की नवजात पुत्री, नानपारा के भगवानपुर निवासी राखी, विशेश्वरगंज के खरिया निवासी निक्की, कोतवाली देहात के गजपति पुर निवासी दीपक, खैरीघाट के केवलपुर निवासी मनीष, देहात कोतवाली क्षेत्र के धरसवां निवासी सुमन व बंजारीमोड़ निवासी रूबी की नवजात पुत्री समेत 19 मासूम दम तोड़ चुके हैं।
35 बच्चे और भर्ती
शुक्रवार को संक्रामक बीमारियों से जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में 35 बच्चों को भर्ती किया गया। इनमें से नौ बच्चों को पीडियाट्रिक आईसीयू वार्ड में शिफ्ट किया गया।
बोले जिम्मेदार
बच्चों को अभिभावकों द्वारा पहले निजी नर्सिग होम में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। यहां चिकित्सकों ने बच्चों को बचाने का हर संभव प्रयास किया। इलाज में कोताही नहीं बरती गई।
डॉ. पीके टंडन
सीएमएस, जिला अस्पताल
