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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 04, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

डायरिया, बुखार के मरीजों से अस्पताल फुल

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Published: Sun, 04 May 2014 01:03 AM (IST)

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औरैया,जागरण संवाददाता : गर्मी का प्रकोप बढ़ने के साथ-साथ ही अस्पतालों में मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है। अस्पताल आने वाले अधिकतर मरीज डायरिया, डिहाईड्रेशन व बुखार से पीड़ित होते हैं जिसकी वजह से अस्पतालों के वार्ड फुल होते जा रहे हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पतालों के वार्ड पूरी तौर से भरे हुए हैं। वार्डो में कई बेडों पर दो-दो मरीज इलाज कराते हुए देखे जा सकते हैं।

वर्तमान में अस्पताल में प्रतिदिन पांच सैकड़ा से अधिक मरीज आते हैं जिसका परिणाम है कि अस्पताल में महिलाओं के दो वार्ड तथा पुरुषों के लिए आरक्षित एक वार्ड पूरी तौर से भर जाता है। वहीं अस्पताल में इस समय आने वाले 80 फीसदी मरीज डिहाईड्रेशन, डायरिया व लू लगने वाले होते हैं। इन बीमारियों से पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ता है। चिकित्सकों का कहना है कि इस समय पड़ रही भीषण गर्मी व लू के चलते डायरिया व फूड प्वाजनिंग के मरीज ज्यादा आ रहे हैं।

मरीजों की संख्या अधिक होने के साथ -साथ अस्पतालों में दवाओं का अभाव दिखाई देता है। स्थिति यह है कि डीएनएस तथा एनएस की बोतलें भी बाहर मेडिकल स्टोर से लानी पड़ती हैं। वहीं साधारण केसों में फोर्टबिन, बैरालगन जैसे इंजेक्शन भी मरीज को खरीदने पड़ रहे हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि भर्ती किए गए मरीजों को पूरी दवा दी जा रही है। जबकि मरीजों का कहना है कि 70 से 80 फीसदी दवाएं बाहर से मंगानी पड़ती है।

गर्मी से बचने के लिए क्या करें : जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डा. अरुण तिवारी का कहना है कि गर्मी में बचाव की अत्यधिक आवश्यकता है। घर से बाहर निकलते समय भरपेट पानी पीकर तथा सिर और मुंह को सूती कपड़े से ढक कर निकले। जरा सी परेशानी होने पर ओआरएस व नीबू की शिकंजी का प्रयोग करें। यदि समस्या का समाधान नहीं होता है तो चिकित्सक को दिखाएं।