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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 04, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हसनपुर क्षेत्र में बुखार से चार की मौत

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Published: Sun, 04 Oct 2015 10:07 PM (IST)

हसनपुर। क्षेत्र में बुखार का प्रकोप थम रहा है। लगातार बुखार से मरने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हो र

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हसनपुर। क्षेत्र में बुखार का प्रकोप थम रहा है। लगातार बुखार से मरने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। गांव डांकेवाली डगरौली, सैदनगली और आदमपुर में एक वृद्धा समेत चार लोगों की बुखार से मौत हो गई। इसके बाद हसनुपर क्षेत्र में बुखार और डेंगू से मरने वालों की संख्या 38 हो गई है।

तहसील क्षेत्र के डाकेवाली डगरौली गाव में बुखार से जूझ रही एक वृद्धा की मौत हो गई। गाव निवासी वृद्धा बसंती को पिछले चार दिन से बुखार आ रहा था। परिजन उसका गाव में ही उपचार करा रहे थे। रविवार सुबह के समय उसकी मौत हो गई। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। गांव चकफेरी निवासी जसराम सिंह की चार माह की बेटी ऋतिका को चार दिन पूर्व बुखार आया था। उसका गांव में ही झोलाछाप से इलाज कराया जा रहा था। देर शाम मासूम ने दम तोड़ दिया।

उधर ग्राम सैदनगली निवासी इस्तेखार हुसैन (35) की बुखार से मौत हो गई। मृतक को पिछले आठ दिन से बुखार आ रहा था, परन्तु वह गाव में ही झोलाछाप से इलाज करा रहा था। हालत नाजुक होने पर दोपहर उसे परिजन सम्भल ले जा रहे थे, परन्तु रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। युवक की मौत से उसके परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। बिना पोस्टमार्टम कराए शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।

आदमपुर: तहसील क्षेत्र के ग्राम आदमपुर के मझरा बहादरपुर निवासी विजय सिंह की पन्द्रह वर्षीय बेटी खुश्बू की बुखार से मौत हो गई। मृतका को पिछले सात दिन से बुखार आ रहा था। परिजनों ने पहले उसका गाव में तथा दो दिन सम्भल में उपचार कराया, परन्तु हालत में सुधार न होने पर परिजन टीएमयू मुरादाबाद ले गए थे। बाद में उसे घर ले आए थे। सुबह आठ बजे उसकी मौत हो गई। मृतका के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।

बता दें कि हसनपुर क्षेत्र में अब तक बुखार व डेंगू से 36 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग नींद में सोया हुआ है।

सीएचसी में लगी मरीजों की भीड़

मंडी धनौरा में सरकारी अस्पताल में बुखार पीड़ितों की लंबी लाइन लगी हुई है। मलेरिया व वायरल के रोगी सर्वाधिक ओपीडी में देखे जा रहे हैं। बुखार से बचाव के लिए सर्तकता बरतने की बात चिकित्सक कह रहे हैं।

इनदिनों क्षेत्र में बुखार का प्रकोप जोरों पर है। जिस कारण सरकारी अस्पताल में बुखार पीड़ितों की लंबी लाइन लगी हुई है। रोजाना चिकित्सकों द्वारा ओपीडी में मरीजों का परीक्षण किया जा रहा है। ज्यादातर रोगी वायरल व मलेरिया से पीड़ित बताए जा रहे हैं। जिनका उपचार किया जा रहा है। ऐसे ही कुछ हालात प्राइवेट चिकित्सकों के यहां भी है। यहां भी बुखार पीड़ित मरीजों की कतार लगी हुई है। सरकारी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आदेश कुमार ने बताया कि बुखार आने पर सामान्यत प्लेटलेट्स घटती है। प्लेटलेटस घटने का मतलब यह नहीं मरीज को डेंगू है। सामान्य बुखार में भी प्लेटलेटस घट जाती है। समय से चिकित्सीय सलाह लेकर दवा खाने से आराम मिलता है।