यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 14, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दिमागी बुखार से बालिका की मौत

अमरोहा। मंडी धनौरा तहसील क्षेत्र में संक्रामक रोग फैलने से पीड़ितों का हाल बुरा है। ग्राम सुजमना में दिमागी बुखार से एक मासूम बालिका की मौत हो गई। बालिका की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। उधर, स्वास्थ्य विभाग बालिक की मौत से अनजान है।
ग्राम सुजमना निवासी मोनू की चार वर्षीय पुत्री वर्षा पिछले करीब एक सप्ताह पूर्व वायरल की चपेट में आई थी। परिजन गांव में ही झोलाछाप चिकित्सक से उपचार करा रहे थे। हालत सुधरने के बजाए मासूम बच्ची की तबियत और बिगड़ती चली गई। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में ले गए। जहां पता चला कि बच्ची दिमागी बुखार से पीड़ित है। उसका उपचार शुरू करा दिया गया था। रविवार को बच्ची ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इसकी सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। स्वास्थ्य विभाग बच्ची की मौत से अनभिज्ञ है।
बता दें कि क्षेत्र में संक्रामक रोगों के फैलने से दर्जनों लोग वायरल, खासी जुकाम, एलर्जी, मलेरिया इत्यादि से पीड़ित हैं। पीड़ित गांवों में ही झोलाछाप चिकित्सकों से उपचार करा रहे हैं। उसके बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग चुप्पी साधे बैठा है। रविवार को सुजमना की चार वर्षीय वर्षा की दिमागी बुखार से हुई मौत इसका एक उदाहरण है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं टूटी तो फिर कब टूटेगी?
