यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 30, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
टायफाइड बुखार ने पसारे पैर, दर्जनों बीमार

अमरोहा। ग्राम मढ़न के अरूण प्रताप सिंह, ग्राम अम्हेड़ा की खालेदीना, उसकी 17 वर्षीय बेटी तराना, जोया की अनम, अर्चना, गुड़िया और हरियाना के मुस्तकीम सरीखे दर्जनों लोग भीषण गर्मी के इस मौसम में टायफाइड बुखार से जूझ रहे हैं। यकीन नहीं आए तो संयुक्त जिला अस्पताल के जनरल वार्ड और इसी अस्पताल की पैथोलाजी लैब के रिकार्ड को चैक कर यहां की भयावह स्थिति से रूबरू हो सकते हैं।
सभी रोगियों का कहना है कि शुरूआत में बुखार के साथ पेट दर्द की शिकायत हुई। घरेलू नुस्खे से भी काम नहीं चला तो गांव व पड़ोस में बैठने वाले झोलाछाप चिकित्सक के पास पहुंचे। तीन-चार दिन दवा खाने के बाद भी आराम नहीं हुआ। उलटे हालत और बिगड़ी तो मजबूरन जिला अस्पताल की तरफ रूख करना पड़ा। यहां टायफाइड बुखार की आंशका में खून की जांच कराई गई। रिपोर्ट पाजीटिव आने से टायफाइड होने की पुष्टि हो गई। बुधवार को भी वार्ड इन मरीजों से भरा मिला। वहीं आंशका बतौर 15 के खून की जांच में नौ मरीजों को टायफाइड बुखार ही पाया गया। यह सिलसिला पिछले करीब डेढ़ माह से चल रहा है। इसके बाद भी किसी ने इन बुखार पीड़ितों की तरफ झांक कर भी नहीं देखा है। वार्ड में भर्ती किया और नर्सिग स्टाफ के सहारे छोड़ दिया। हालांकि लोगों का कहना है कि जब अकेले जिला अस्पताल की हालत यह है तो गैर सरकारी अस्पतालों और पैथोलाजी लैब पर पड़ताल करेंगे तो स्थिति और चौकाने वाली ही सामने आएगी।
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आठ दिन में सरकारी अस्पताल की लैब में टायफाइड की हुई जांच पर एक नजर-
दिनांक - कुल जांच - पॉजीटिव केस
30 अप्रैल - 15 - 9
28 अप्रैल- 10 - 6
26 अप्रैल- 03 - 2
25 अप्रैल- 15 - 10
24 अप्रैल - 06 - 03
23 अप्रैल - 11 - 07
22 अप्रैल- 13 - 09
21 अप्रैल - 14 - 10
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कुल जांच- 87 - कुल पाजीटिव केस -56
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बुखार पीड़ितों से सीएमओ हैं अनजान
अमरोहा : मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा विजय कुमार सिंह ने जिले में टायफाइड बुखार के रोगी बढ़ने की जानकारी के प्रति अनभिज्ञता जताई। साथ ही कहा कि चार- छह केस पाजीटिव आना सामान्य बात है।
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