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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

डायरिया से बच्ची की मौत के बाद जागा महकमा

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Published: Mon, 25 Aug 2014 12:21 AM (GMT+05:30)

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भीटी (अंबेडकरनगर) : एक बच्ची की मौत के 12 घंटे बाद स्वास्थ्य विभाग की नींद खुली। विभागीय टीम ने पीड़ित परिवार के घर व गांव पहुंचकर दवाइयां वितरित की। जहां अभी भी पांच लोग चपेट में है। दो महिलाओं की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। जांच के दौरान गांव में करीब डेढ़ दर्जन लोग वायरल बुखार से पीड़ित पाए गए। मामला सीएचसी भीटी के गांव समंथा का है।

उक्त गांव निवासी सालिकराम यादव पुत्र लालता प्रसाद की पत्‍‌नी, बच्चों समेत छह लोग अचानक शनिवार की अपराह्न डायरिया की चपेट में आ गए। परिवार के मुखिया ने स्थानीय झोला छाप चिकित्सकों से इलाज शुरू कराया। शाम तक उनकी पुत्री वंदना 6 की हालत गंभीर देख सीएचसी भीटी के लिए रेफर कर दिया गया। भीटी ले जाते समय उक्त बच्ची की मौत हो गई। वहीं इसी परिवार की रेशमा देवी 32 पत्‍‌नी सालिकराम, उनका पुत्र अनुराग 4, पुत्रियां नंदिनी 8 व सालिकराम की बहन अशरफा 35 व उनका पुत्र रवि छह माह अब भी चपेट में है। रेशमा व अशरफा की हालत गंभीर है। सभी पीड़ितों का इलाज जिला चिकित्सालय में चल रहा है। सालिकराम के अनुसार शनिवार को ही स्थानीय एएनएम, आशाबहू के साथ-साथ सीएचसी पर भी सूचना कई बार दी गई, लेकिन कोई झांकने तक नहीं आया। उक्त बच्ची की मौत के बाद रविवार को सुबह करीब 10 बजे सीएचसी की पांच सदस्यीय टीम आयी थी। कुछ दवाइयां दे औपचारिकता पूरी की और चली गई। कार्यवाहक चिकित्सधिकारी डॉ. हनुमान प्रसाद ने बताया कि डॉ. विजित दुबे, एएनएम वीरमती व अशाबहू के साथ रविवार को पीड़ित परिवार व गांव का दौरा किया गया। जांच में दूषित खाना, पानी की वजह से उक्त परिवार डायरिया की चपेट में आया है। उक्त परिवार व गांव में आवश्यक दवाइयां, क्लोरिन की गोलियां वितरित की गई। साथ ही सुरक्षा के उपायों, खान-पान पर विशेष सावधानी संबंधी सलाह दी गई। एएनएम व आशाबहू की टीम को गांव में कैंप करा दिया गया है। झोलाछाप चिकित्सक से इलाज बच्ची की मौत का कारण बनी।

छोलाछाप काट रहे चांदी

भीटी : झोलाछाप चिकित्सक की फौज क्षेत्र में गली, चौराहों पर दिन-रात कैंप किए हुए है। इनके इलाज से प्रतिदिन लोग या मौत के मुंह में या फिर गंभीर होकर उच्च चिकित्सालयों में इलाज करवाते है। शासन की सख्ती के बावजूद प्रशासन इन पर नकेल डालने में दिलचस्पी नहीं ले रहा है। सिर्फ कागजी आंकड़ों में खेल कर निज स्वार्थ साधने में जुटा है।

अभियान में होगी कार्रवाई

भीटी : मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मेजर बीपी सिंह ने बताया कि झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ शीघ्र ही अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए टीमों को चिह्नित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। टीमों की रिपोर्ट प्राप्त होते ही कार्रवाई अमल में आ जाएगी।