यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 08, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अभियान : ठंड से गई दो की जान, नहीं मिल रही राहत

चित्र : 07 एएमबी 01 से 04-
दिन भर छायी रही धुंध, न्यूनतम 3.5 डिग्री सेल्सियस रहा तापमान
पहाड़ों पर बर्फबारी से बढ़ी गलन
जागरण कार्यालय, अंबेडकरनगर : गिरते तापमान से जनजीवन पूरी तरह ठिठुर रहा है। ठंड का प्रकोप बढ़ने से अब मौतों का सिलसिला भी शुरू हो गया। जिले के राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र में ठंड से दो लोगों के मरने की खबर है, हालांकि प्रशासन इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है। प्रशासन की ओर से अलाव कंबल की व्यवस्था ठंड के प्रकोप के आगे नाकाफी नजर आ रही है।
सोमवार की सुबह लोगों की नींद खुली तो कोहरे ने जिले को आगोश में ले लिया था। कोहरे के कारण लोग दिन में भी वाहनों की हेड लाइट जलाकर अत्यंत धीमी गति से चलने के लिए विवश हुए। दोपहर बाद सूर्यदेवता के दर्शन लोगों को हुए, लेकिन ठंड से निजात नहीं मिल सकी। कारण आसमान में धुंध व कोहरे की चादर से सूर्य की रोशनी को प्रभावित किया। नरेंद्रदेव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज, फैजाबाद के मौसम विभाग के पर्यवेक्षक शंखमाधव त्रिपाठी ने बताया कि पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी एवं ठंड हवाओं के कारण ठंड में बढ़ोतरी हुई है। सोमवार को तापमान न्यूनतम 3.5 डिग्री सेल्सियस एवं अधिकतम 12 डिग्री सेल्सियस रहा। धूप में तपिश न होने के कारण लोग ठंड से ठिठुरने के लिए मजबूर हुए। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में भी गलन इसी तरह बनी रहेगी। इस बीच नगर पालिका परिषद, अकबरपुर प्रशासन की ओर से नगर में ठंड से बचाव के लिए 107 स्थानों पर अलाव जलवाए गए। राहगीर एवं स्थानीय नागरिक अलाव के सहारे ठंड से बचत की जुगत में लगे रहे।
राजेसुल्तानपुर संवादसूत्र के मुताबिक बीती रात्रि स्थानीय थाना क्षेत्र के देवरिया बुजुर्ग गांव के मजरे विभानपुर निवासी दयाशंकर उर्फ डब्बू (50) पुत्र निहोर की ठंड लगने से मौत हो गई। वहीं आजमगढ़ जिले के लालघाट निवासी किशोर पुत्र बंगाली (65) देवरिया बुजुर्ग गांव में बीती रात्रि पुत्री की शादी के सिलसिले में आए थे। सुबह करीब दस बजे अलाव तापते समय ठंड लगने से उनकी मौत हो गई। तहसीलदार रामजीत मौर्य ने बताया कि पुष्टि के लिए लेखपाल को आवश्यक कार्यवाही के लिए निर्देश दिए गए हैं।
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ऐसे तो मिलने से रही राहत
अंबेडकरनगर : भीषण ठंड में साधारण टेंट, उसके नीचे पुआल पर बिछाई गई पतली दरी। यही है जिला प्रशासन की ठंड से बचाव की व्यवस्था। बेघर लोगों को ठंड के प्रकोप से बचाने के लिए नगर एक होटल के निकट, बीएन इंटर कॉलेज के सामने एवं फौव्वारे तिराहे पर शेल्टर 8होम्स (रैन बसेरा) बनाया गया है। यहां लोगों को न बिछाने एवं न ही ओढ़ने की व्यवस्था है। अलाव भी कभी-कभार ही जलता दिखता है। वहीं नगरीय क्षेत्रों को छोड़ दिया जाए तो, जिले के ग्रामीणांचल में अलाव के माकूल इंतजाम नहीं किए गए हैं। नतीजतन लोगों को भीषण ठंड से निपटने के लिए स्वयं की व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
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एसडीएम की जांच में मिलीं खामियां
टांडा : लगातार ठंड से बुनकर नगरी सहित ग्रामीण क्षेत्रों में लोग कांप रहे हैं। ठंड का सितम जारी है। अलाव जलाने में भी कोताही बरती जा रही है। एसडीएम को बीते शाम अलाव की जांच में खामियां मिलीं। उन्होंने मातहतों की जमकर क्लास ली। त्वरित सुधार लाने का निर्देश देते हुए कहा कि अलाव में खामियां मिलीं तो, कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ठंड से बचाव के लिए तहसील के लेखपालों के हाथों गांव-गांव गरीबों को कंबल बांटने का सिलसिला जारी है। तहसीलदार राजेश सिंह ने बताया कि करीब 900 कंबल बांटे जा चुके हैं और कंबल की मांग की गई है। कंबल वितरण के साथ मुख्य बाजारों और भीड़भाड़ वाले चिह्नित 15 स्थानों पर अलाव जलाने की जिम्मेदारी दी गई है। धन भी दिए गए हैं। मखदूमनगर में अलाव जलाने की और व्यवस्था की जा रही है। बीते देर शाम अलाव जलाने की स्थिति की जांच करने एसडीएम मनोज स्वयं निकले। ग्रामीण क्षेत्रों में और नगर में अलाव जलाने में उन्हें खामियां मिली। सोमवार को उन्होंने अपने कार्यालय में मातहतों को तलब करके क्लास ली।
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