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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 17, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब एस-5 कोच में पुलिस चौकी

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Published: Tue, 17 Feb 2015 01:10 AM (IST)

जागरण संवाददाता, इलाहाबाद : रेलवे बोर्ड ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेल चलित पुलिस चौकी खोलने की

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जागरण संवाददाता, इलाहाबाद : रेलवे बोर्ड ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेल चलित पुलिस चौकी खोलने की अनुमति दे दी है। देशभर की सभी ट्रेनों में एस-5 के बर्थ संख्या 71 पर पुलिस चौकी काम करेगी। इसको आरक्षित कर दिया गया है।

ट्रेनों में सुरक्षा के लिए आरपीएफ व जीआरपी तैनात की जाती है, लेकिन ट्रेन में इनके बैठने के लिए कोई स्थान आरक्षित नहीं होता है। जीआरपी कुछ ट्रेनों की जनरल बोगी में चार सीटों पर कब्जा कर रेल चलित पुलिस चौकी बनाती है। स्लीपर व एसी कोच में घटना होने पर यात्री पुलिस वालों को कोई सूचना नहीं दे पाते हैं। देश के सभी राज्यों में राजकीय रेलवे पुलिस की ओर से रेल चलित पुलिस चौकी स्थापित करने को स्लीपर कोच में बर्थ आरक्षित करने की माग चली आ रही है।

सीओ (जीआरपी) ओपी सिंह ने बताया कि रेल प्रशासन ने देश के सभी ट्रेनों में चलित रेल पुलिस चौकी खोलने के लिए स्लीपर कोच के एस-पांच में बर्थ 71 आरक्षित करने का आदेश जारी कर दिया है। जीआरपी अनुभाग के 188 ट्रेनों में रेल चलित पुलिस चौकी स्थापित की जाएगी।

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एफआइआर दर्ज करने की व्यवस्था लागू

चलती ट्रेनों में एफआइआर दर्ज होने की व्यवस्था रविवार से ही लागू कर दी गई है। जीआरपी सीओ ने ट्रेनों की पड़ताल कर ट्रेन में तैनात सिपाही के पास उपलब्ध एफआइआर रसीद बुक की जाच की। राजकीय रेलवे पुलिस ने प्रदेश भर में जीआरपी की सुरक्षा वाली ट्रेनों में एफआइआर दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध करा दी है। ट्रेन में सामान चोरी होने या अन्य आपराधिक घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए यात्रियों को पहले ट्रेन छोड़नी पड़ती थी। अब पीड़ित यात्रियों की एफआइआर ट्रेन में ही दर्ज हो जाएगी और यूनिक नंबर वाली रसीद भी मिलेगी। इलाहाबाद जीआरपी अनुभाग में 188 ट्रेनें चलती हैं, जिसमें से 24 ट्रेनों की सुरक्षा का कार्य वर्तमान में जीआरपी के पास है। इन ट्रेनों में एफआइआर दर्ज कराने की व्यवस्था पर सीओ जीआरपी ओपी सिंह ने अपने मातहतों के साथ वार्ता की और जरूरी दिशा-निर्देश दिया।