विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रजिस्ट्रेशन क्लीनिक का, चल रहा नर्सिग होम

By Edited By:
Published: Wed, 06 Aug 2014 01:24 AM (IST)

News Article Hero Image

जागरण संवाददाता, इलाहाबाद : ग्रामीण क्षेत्रों में झोला छाप डाक्टर किस तरह चांदी काट रहे हैं, इसकी एक बानगी मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के छापे के दौरान देखने को मिली। बिना डिग्री के डाक्टर हर मर्ज के इलाज के लिए ताल ठोंककर बैठे नजर आए। यह बात और है कि विभागीय टीम देख आधा दर्जन से अधिक मैदान छोड़कर भाग खड़े हुए।

बता दें कि पिछले दिनों हंडिया क्षेत्र में डायरिया से मां बेटे की मौत हो गई थी। जांच के बाद यह पता चला था कि गलत इंजेक्शन लगाए जाने के कारण उनकी मौत हुई है। हालांकि इस बात की जानकारी देने से मृतक का परिवार मुकर गया था। इस घटना के बाद से ही स्वास्थ्य विभाग की नजरें हंडिया क्षेत्र पर टेढ़ी हो गई। घटना के दूसरे दिन ही विभाग ने क्षेत्र में छापेमारी शुरू कर दी थी। कई लोगों को नोटिस भी दी गई थी। इसके बाद विभाग कुछ शांत रहा। मंगलवार को एसीएमओ दीपेंद्र मालवीय व स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी जिया लाल के नेतृत्व में टीम ने कई स्थानों पर छापा मारा। सहसों में एक नर्सिग होम पर छापा मारा गया तो पता चला कि उसका रजिस्ट्रेशन क्लीनिक है। जबकि अंदर 12 बेड का अस्पताल चल रहा था और मरीज खचाखच भरे थे। जिस एमबीबीएस डाक्टर के नाम पर क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन हुआ है, वह भी मौके पर नहीं मिले। हंडिया में एक पाली क्लीनिक भी बिना रिन्यूवल कराए चल रही थी। एक स्थान पर झोलाछाप डाक्टर क्लीनिक खोलकर बैठा मिला। विभाग की इस कार्रवाई को देख आठ नर्सिग होम और क्लीनिक चलाने वाले लोग अपना अपना शटर गिराकर भाग गए थे। सीएमओ डा. पदमाकर सिंह ने बताया कि तीन लोगों को नोटिस दी गई है। बुधवार को उन्हें कागजात के साथ बुलाया गया है। अगर वह विभाग को संतुष्ट नहीं कर पाए तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी।