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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 11, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हीट स्ट्रोक से मासूम समेत चार की मौत

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Published: Wed, 11 Jun 2014 01:00 AM (IST)

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इलाहाबाद : गर्मी का कहर जारी है। बीते चौबीस घंटे में हीट स्ट्रोक की चपेट में आने से मासूम बच्ची समेत चार लोगों ने दम तोड़ दिया। दो दिनों तक नरम रहने के बाद मंगलवार को अचानक पारा फिर चढ़ गया। भीषण गर्मी और भारी उमस ने लोगों का जीना हराम कर दिया। गर्म हवाएं तो नहीं चलीं, पर तेज धूप ने राहगीरों को झुलसाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। घर और कार्यालयों में लोग पसीने से तरबतर नजर आए।

सप्ताह भर पहले मौसम अपने शबाब पर दिखा। चार-पांच दिन पहले पारा 47 डिग्री पार कर गया था। आसमान से आग बरसने लगी। लगा कि गर्मी पिघला कर रख देगी। दो तीन दिन तक ऐसे ही चला। रविवार से मौसम कुछ नरम हुआ। तापमान 3.5 डिग्री पर आ गया। इससे लोगों को कुछ राहत तो मिली लेकिन अब उमस ने उनका जीना हराम कर दिया। न दिन में लोगों को चैन मिल रहा है और न ही रात में राहत मिल रही है। उमस से कूलर और पंखे भी बेकार साबित हो रहे हैं। मंगलवार को अधिकतम तापमान 45.7 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 32.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

मौसम विज्ञानी डा. शिव सागर ओझा बताते हैं कि पूरब की हवाएं हल्की पड़ने के कारण तापमान में वृद्धि हुई है। पश्चिम की हवाओं का दबाव बढ़ा है। एक दो दिन और पारा चढ़ेगा। मौसम के इस उतार चढ़ाव के कारण प्री मानसून कुछ लेट भी हो सकता है।

उधर बेरहम मौसम ने मंगलवार को एक मासूम की जान ले ली। नैनी के चकदोंदी निवासी असफाक अहमद की दो साल की बच्ची समसा की तबीयत सोमवार की रात अचानक खराब हो गई। परिजन उसे अस्पताल लेकर गए तो वहां डाक्टर ने जवाब दे दिया। कुछ देर बाद ही समसा की मौत हो गई। डाक्टर का कहना है कि हीट स्ट्रोक के कारण बच्ची की मौत हुई है। अनिल कुमार (58) अतरसुइया थाना क्षेत्र के मीरापुर का रहने वाला था। वह रेलवे में बतौर कर्मचारी तैनात था। चार दिन पूर्व वह रेलवे हॉस्पिटल में भर्ती हुआ था। मंगलवार की सुबह वह ठीक होकर अस्पताल से निकला और वाल्मीकि चौराहे पर पहुंचकर गिर गया। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। समझा जाता है कि हीट स्ट्रोक से उसकी मौत हो गई। जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर दो-तीन पर मंगलवार को एक साधु की लू लगने से मौत हो गई। मृतक की उम्र करीब 65 वर्ष थी। वह गेरुए रंग का गमछा, गले और कलाई पर रुद्राक्ष का माला पहने हुए था। जीआरपी ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं गोरखपुर से आकर करेली में काम करने वाले जमाल (40) की मंगलवार को हीट स्ट्रोक लगने से मौत हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस शव का पंचनामा बनवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया।

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मरीज से लेकर तीमारदार तक हलकान

इलाहाबाद : गर्मी का असर आम लोगों के साथ अस्पताल पर भी पड़ रहा है। वहां भर्ती मरीज और उनके तीमारदार उमस से बेहाल हैं। खासकर एसआरएन अस्पताल में व्यवस्था पटरी से उतरी नजर आ रही है। अस्पताल में लगे एयर कंडीशनर बिगड़े हैं तो पंखे बेअसर साबित हो रहे हैं।

एसआरएन के पर्चा काउंटर हाल में कहने को तो नौ पंखे लगे हैं, पर पांच ही चल रहे हैं। इसमें एक दो केवल घूम रहे हैं। हवा नहीं दे रहे। जो पंखे चल रहे हैं, वहां भीड़ लग जा रही है। नतीजा आधे लोगों को बिना पंखे के गर्मी में बेहाल होना पड़ रहा है। जहां जहां तीमारदारों की बैठने की व्यवस्था है, वहां व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। हाथ के पंखे के सहारे तीमारदार किसी तरह राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ लोगों ने अपने घरों से स्टैंड वाले पंखे भी लाकर वार्डो के बाहर लगा रखे हैं। इसके अलावा अस्पताल के बाहर लगे पेड़ों के सहारे भी गर्मी से निजात पाने की कोशिश की जा रही है। डफरिन अस्पताल के रैन बसेरे में दोपहर 12 बजे नर्से तो बैठी थीं, लेकिन पंखे नहीं चल रहे थे। सब गर्मी से बेहाल दिखीं। पूछने पर पता चला कि लाइट नहीं है। चिल्ड्रेन अस्पताल के बाहर लगे पेड़ तीमारदारों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। वार्ड में बीमार बच्चों की भारी भीड़ के कारण तीमारदारों का ठिकाना अस्पताल परिसर के बाहर पेड़ों के नीचे बना है।