यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 11, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दलित की बरात चढ़त के समय बरसाए ईट-पत्थर

अलीगढ़ : थाना क्षेत्र के गांव चीमनपुर में दलित की बरात चढ़त के दौरान अराजकतत्वों ने पथराव कर दिया। कंट्रोल रूम की सूचना के एक घंटे बाद पुलिस पहुंची। पीड़ित का आरोप है कि एक दिन पहले थाने में शिकायत की गई थी, जिसमें बारात चढ़त के दौरान पुलिस सुरक्षा की मांग की गई थी।
गांव चीमनपुर में रमेशचन्द्र जाटव की बेटी आशा रानी की बरात 9 फरवरी को मथुरा जिले के पारसौली (बाजना) गांव से आई थी। जैसे ही ठाकुर बस्ती की ओर से दूल्हा सूरजमल चढ़त के लिए तैयार होकर बैठा कि कुछ असामाजिक तत्वों ने बैंडबाजे वालों पर ईट-पत्थर बरसाना शुरू कर दिया। जब यह बात बेटी वालों को पता चली तो उन्होंने मौके पर पहुंच मामला रफा-दफा कर दिया। इसके बाद बरात आगे बढ़ी तो फिर पत्थर फेंके, उसके बाद लाइट बुझा दी, बरातियों के ढोल फाड़ दिए। मारपीट के बाद फिर आगे चढ़त शुरू हुई तो कुछ दलित परिजन रिश्तेदारों ने देख लेने की बात कह मामले को तूल दे दिया। इसके बाद फिर पथराव होने लगा। इसकी सूचना पुलिस को कंट्रोल रूम को दी गई। सूचना के एक घंटे बाद पुलिस पहुंची और अपनी निगरानी में बरात चढ़त कराई। इस मामले में चार युवकों के खिलाफ रिपोर्ट के लिए तहरीर दी है।
दरोगा के व्यवहार से दुखी
पीड़ित पक्ष ने दरोगा के व्यवहार से दुखी होकर आरोप लगाया कि एक शरारत करने वाले युवक को पकड़ कर दिया था जिसे दरोगा ने छोड़ दिया। लड़की के चाचा रेशमपाल ने बताया कि सचिन, जितेंद्र, डेविड कुमार, रघू, गज्जू, राहुल, विनोद, हेमंत, राजकुमार के चोटें आई हैं। दोनों पक्षों में समझौते के प्रयास शुरू हो गए हैं।
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