यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 22, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मलेरिया हुआ घातक, डेंगू के साथ फैला वायरल
- एसएन में दो और मरीजों में हुई डेंगू की पुष्टि - हाथरस की मरीज की मलेरिया से इमरजेंसी में मौत

- एसएन में दो और मरीजों में हुई डेंगू की पुष्टि
- हाथरस की मरीज की मलेरिया से इमरजेंसी में मौत
जागरण संवाददाता, आगरा: डेंगू के साथ वायरल और मलेरिया दहशत बनने लगा है। सोमवार को मलेरिया से पीड़ित हाथरस की महिला मरीज की एसएन इमरजेंसी में मौत हो गई। एसएन में भर्ती दो और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है।
हाथरस निवासी 40 वर्षीय मोहन देवी को निजी अस्पताल से एसएन इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। यहां जांच में मलेरिया आया था। दोपहर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि बुखार आने पर एक निजी अस्पताल में डेंगू का इलाज चल रहा था, मलेरिया की जांच ही नहीं कराई गई।
एसएन में भर्ती कराए गए बुखार पीड़ित मरीजों में से दो में डेंगू की पुष्टि हुई। इससे पूर्व 17 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। बुखार से पीड़ित मरीजों की निजी क्लीनिक और हॉस्पिटल में लंबी लाइन लगी हुई है। सीएमओ डॉ. बीएस यादव ने बताया कि बुखार से पीड़ित मरीज सरकारी अस्पताल में जांच कराएं। उनकी निश्शुल्क जांच और इलाज की व्यवस्था की गई है।
आसपास के जिलों के आ रहे मरीज
एसएन के साथ ही निजी अस्पतालों में आसपास के जिलों के मरीज भर्ती हो रहे हैं। डेंगू, वायरल और मलेरिया होने पर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। प्लेटलेट जम्बो पैक के साथ मरीजों को ब्लड भी चढ़ाया जा रहा है।
ये हैं लक्षण
मलेरिया - ठंड लगकर बुखार आना, एक निश्चित समय पर ही दिन में बुखार आना।
डेंगू - शरीर में टूटन के साथ बुखार, पेट दर्द, उल्टी और शरीर पर चकत्ते पड़ना।
वायरल - सर्दी-जुकाम के साथ तेज बुखार आना।
ये करें
- तीन दिन तक बुखार ठीक न होने पर डॉक्टर से परामर्श लें।
- बुखार के साथ उल्टी और चक्कर आने पर तुरंत इलाज कराएं।
- शरीर पर चक्कते पकड़ने और ब्लीडिंग होने पर हल्के में ना लें।
बुखार पीड़ित लोकतंत्र सेनानी को दुत्कारा
जिला अस्पताल में सोमवार को बुखार पीड़ित 61 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी राम प्रकाश गुप्ता को भर्ती नहीं किया। उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। समिति के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद शर्मा ने बताया कि डॉ. आरके अरोड़ा ने राम प्रकाश गुप्ता को भर्ती नहीं किया और कोई जांच भी नहीं कराई। इसकी शिकायत प्रमुख अधीक्षक से की तो उन्होंने भी गंभीरता से नहीं लिया। इस मामले में आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
