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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 11, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

क्रिसमस से ताज पर ई-टिकट

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Published: Thu, 11 Dec 2014 10:01 PM (IST)Updated: Fri, 12 Dec 2014 04:18 AM (IST)

जागरण संवाददाता, आगरा: मोदी सरकार क्रिसमस पर विश्वदाय स्मारक ताजमहल को ई-टिकटिंग का तोहफा देगी। 25 द

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जागरण संवाददाता, आगरा: मोदी सरकार क्रिसमस पर विश्वदाय स्मारक ताजमहल को ई-टिकटिंग का तोहफा देगी। 25 दिसंबर से ताज पर ई-टिकटिंग का ट्रायल शुरू हो जाएगा। ट्रायल के बाद व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। गुरुवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) के अफसरों ने ताज का निरीक्षण कर इसके लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं पर मंथन किया।

विश्वदाय स्मारक ताज के दीदार को सैलानी ताजनगरी खिंचे चले आते हैं। यहां उन्हें टिकट खरीदने के साथ ही ताज में प्रवेश के लिए लंबी लाइन में लगना होता है। इसके चलते पर्यटन उद्यमी लंबे समय से ताज पर ई-टिकट लागू करने की मांग उठाते रहे हैं। 29 नवंबर को इंडियन रेलवे कैट¨रग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आइआरसीटीसी) की टीम ने ताज के पश्चिमी व दक्षिणी गेट पर टिकट काउंटर, टिकट चेकिंग की व्यवस्थाएं देखी थीं। गुरुवार को एएसआइ और आइआरसीटीसी के अफसरों की बैठक सर्किट हाउस में हुई। इसमें ई-टिकट लागू करने पर मंथन किया गया। एएसआइ के महानिदेशक डॉ. राकेश तिवारी ने आइआरसीटीसी से उनकी जरूरतें जानीं। इसके बाद महानिदेशक के नेतृत्व में टीम ताज पहुंची।

उन्होंने पूर्वी गेट पर टिकट चेकिंग व्यवस्था के साथ स्वच्छ भारत अभियान के तहत टिकटों पर मुहर लगाने के बारे में जानकारी की। ताज पूर्वी गेट पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) की चेकिंग व्यवस्था देखने के बाद टीम फोरकोर्ट होते हुए रॉयल गेट पहुंची। रॉयल गेट से मुख्य गुंबद की ओर पर्यटकों के प्रवेश की स्थिति देखने के बाद टीम वापस बाहर आ गई। टीम पूर्वी गेट स्थित गोशाला भी गई। यहां से ई-टिकटिंग लागू होने पर ताज में पर्यटकों के प्रवेश की संभावना पर विचार किया।

एएसआइ के महानिदेशक डॉ. राकेश तिवारी ने बताया कि 25 दिसंबर से ताज पर ई-टिकट ट्रायल के रूप में शुरू होगी। एक माह तक इसका ट्रायल चलेगा। आइआरसीटीसी को ई-टिकटिंग का जिम्मा दिया है।

यह रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान संयुक्त सचिव संस्कृति डॉ. संजीव मित्तल, निदेशक उद्यान डॉ. एचबी सिंह, निदेशक संरक्षण जाह्नवीज शर्मा, अधीक्षण पुरातत्वविद् एनके पाठक, वरिष्ठ संरक्षण सहायक मुनज्जर अली और आइआरसीटीसी के अधिकारी मौजूद रहे।

टिकट पर होगी बार कोडिंग

ई-टिकट पर सुरक्षा की दृष्टि से बार कोडिंग रहेगी, जिससे टिकट को रीसेल नहीं किया जा सके। ई-टिकट का एक माह तक ट्रायल कर टिकट बिक्री पर प्रभाव आंका जाएगा। इससे ताज के टिकटों की रीसेलिंग कुछ हद तक रुकेगी।

काउंटर पर मिलेगी ई-टिकट

ताज पर ई-टिकट 25 दिसंबर से लागू होगी। विश्व में कहीं से भी पर्यटक ई-टिकट खरीद सकेंगे। इसके बाद शिल्पग्राम, दक्षिणी गेट और पश्चिमी गेट स्थित टिकट काउंटर पर भी ई-टिकट उपलब्ध होगी। इस दौरान पूर्व की भांति काउंटर पर पुरानी टिकटें बिकती रहेंगी।