विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 12, 2012 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'वंडर ब्वाय' शिव और सुमित ने लगाया गोल्डन पंच

By Edited By:
Published: Thu, 12 Apr 2012 05:55 PM (IST)Updated: Thu, 12 Apr 2012 11:23 PM (IST)

लंदन ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके युवा मुक्केबाज शिव थापा और सुमित सागवान ने बृहस्पतिवार को एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर ...और पढ़ें

News Article Hero Image

अस्ताना [कजाखस्तान]। लंदन ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके युवा मुक्केबाज शिव थापा और सुमित सांगवान ने बृहस्पतिवार को एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किए। भारत के तीन मुक्केबाजों ने इस प्रतियोगिता से लंदन का टिकट कटाया।

भारत के कुल मिला कर सात मुक्केबाज लंदन ओलंपिक की मुक्केबाजी प्रतियोगिता में चुनौती पेश करेंगे। 18 वर्षीय शिव [56 किग्रा] ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले युवा भारतीय मुक्केबाज हैं। उन्होंने सीरिया के वेसाम सालामाना को 18-11 से हराकर लगातार दूसरा अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक अपनी झोली में डाला। सुमित [81 किग्रा] ने तजाकिस्तान के जाकोन कुरबानोव को 14-9 से परास्त कर अपना पहला सीनियर अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण हासिल किया। इन दोनों के अलावा विजेंदर सिंह [75 किग्रा] ने भी अंतिम क्वालीफायर के सेमीफाइनल में पहुंचकर जुलाई अगस्त में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई किया। चार भारतीय मुक्केबाज एल देवेंद्रो सिंह [49 किग्रा], जय भगवान [60 किग्रा], मनोज कुमार [64 किग्रा] और विकास कृष्ण [69 किग्रा] ने पिछले साल विश्व चैंपियनशिप से ओलंपिक खेलों में जगह बना ली थी।

असम के शिव [फोटो] ने बेहतरीन 'रिफलेक्स' का प्रदर्शन करते हुए ताकतवर मुक्के जड़कर शुरूआती राउंड में 5-4 की बढ़त बना ली। हालांकि उनका प्रतिद्वंद्वी भी आक्रामकता में कम नहीं था लेकिन इस शिव के पंच स्कोरिंग के हिसाब से सही जगह पर पड़े और उन्होंने दूसरे राउंड में 5-3 से स्कोर 10-7 कर दिया। शिव ने सीरियाई मुक्केबाज के थकने का फायदा उठाते हुए अंतिम तीन मिनट में बाउट अपने नाम की।

राष्ट्रीय कोच गुरबक्श सिंह संधू ने कहा, 'शिव ने शानदार प्रदर्शन किया। वह काफी प्रतिभाशाली मुक्केबाज है।' वहीं 19 वर्षीय सुमित ने इंतजार के बाद आक्रमण करने की रणनीति अपनाई और पहले राउंड में 2-1 की बढ़त हासिल की। दूसरे राउंड के बाद सुमित की बढ़त केवल एक अंक की रही क्योंकि कुरबानोव ने 5-5 से बराबरी हासिल की। लेकिन सुमित ने अंतिम राउंड में आक्रामक खेलते हुए सटीक मुक्कों से आसानी से बाउट जीती। दो अन्य भारतीय मुक्केबाज मनप्रीत सिंह [91 किग्रा] और परमजीत समोटा [91 किग्रा से अधिक] लंदन का मौका चूक गए और उन्हें यहां कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर