यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गंगा के लिए बनाया जाएगा अलग विश्वविद्यालय
मोदी सरकार ने अलग मंत्रालय बनाने के बाद गंगा के लिए एक विशेष विश्वविद्यालय स्थापित करने की योजना बनाई है। ...और पढ़ें

नई दिल्ली। मोदी सरकार ने अलग मंत्रालय बनाने के बाद गंगा के लिए एक विशेष विश्वविद्यालय स्थापित करने की योजना बनाई है। इस अनूठे विश्वविद्यालय का नाम 'गंगा यूनिवर्सिटी ऑफ रिवर साइंसेज' होगा। पूरी दुनिया में यह अपनी तरह का पहला विश्वविद्यालय होगा।
इसमें नदी प्रदूषण और जल की गुणवत्ता से लेकर नदियों की विभिन्न अवस्थाओं पर अध्ययन किया जाएगा। इस विश्वविद्यालय से पढ़ने वाले छात्रों को नदियों के अध्ययन में डिग्री मिलेगी।
सूत्रों के अनुसार सरकार 'नमामि गंगे' कार्यक्रम के तहत गंगा और उसकी सहायक नदियों जैसे यमुना, गोमती व रामगंगा के बारे में शोध-अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए 'गंगा यूनिवर्सिटी ऑफ रिवर साइंसेज' बनाएगी। इसकी शुरुआत गंगा नॉलेज केंद्र से होगी, जिसकी स्थापना इस साल हो जाएगी। इस केंद्र के लिए 45 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। कुछ वर्षो में इसे विश्वविद्यालय का दर्जा देकर 'गंगा यूनिवर्सिटी ऑफ रिवर साइंसेज' की स्थापना कर दी जाएगी। फिलहाल पूरी दुनिया में नदियों के अध्ययन के लिए अलग से कोई विश्वविद्यालय नहीं है। कुछ देशों में नदियों पर अध्ययन के लिए केंद्र जरूर हैं।
भारत में नदियों के बारे में फिलहाल आइआइटी रुड़की में ही एक कोर्स चलाया जा रहा है।
