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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जाट आरक्षण संबंधित प्रस्ताव गुमराह करने वाला : मलिक

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Published: Tue, 07 Jan 2014 02:54 PM (IST)Updated: Tue, 07 Jan 2014 04:05 PM (IST)

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सम्भल। केंद्रीय मंत्री मंडल की बैठक में पारित जाट आरक्षण से संबंधित प्रस्ताव गुमराह करने वाला है। इसकी कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है। अगर 31 जनवरी से पूर्व केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग से सिफारिश लेकर जाटों को केंद्र की ओबीसी श्रेणी में शामिल नहीं किया तो 13 राज्यों के जाट फरवरी में आंदोलन की घोषणा कर देंगे।

यह बात सोमवार को सम्भल में हुए जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कही। उन्होंने कहा कि केबीनेट के पारित प्रस्ताव में कब तक राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग सुनवाई पूरी करके केंद्र को अपनी संस्तुति देगा इसकी सीमा निर्धारित नहीं की गई। जिस प्रकार दिल्ली, मध्यप्रदेश, राजस्थान के जाट समाज ने कांग्रेस के प्रति विधानसभा चुनाव के दौरान जाट आरक्षण नहीं तो कांग्रेस को वोट नहीं ..चलाकर तीनों राज्यों में बाहर का रास्ता दिखाया। केंद्रीय मंत्रीमंडल ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को जो संस्तुति भेजी, उसमें समय सीमा का निर्धारण न करना जाटों के साथ धोखा है। ऐसे में 13 राज्यों के 132 लोकसभा क्षेत्रों में भी कांग्रेस को दिल्ली, राजस्थान व मध्यप्रदेश के जाटों की तरह जवाब दिया जाएगा। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौ. मानवेंद्र वर्मा ने कहा कि जनवरी माह में बैठकें कर केंद्र सरकार की चालाकी का पर्दाफाश करना होगा क्योंकि फरवरी माह के अंत या मार्च के पहले सप्ताह में लोकसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है। आंदोलन के लिए सभी को तैयार रहना होगा। प्रदेशाध्यक्ष चौ. उम्मेद सिंह ने कहा कि जनवरी माह में 20 से अधिक जिलों में कार्यक्रम कर आंदोलन की रणनीति तैयारी की जाएगी और लोगों को सरकार की धोखेबाजी से अवगत कराएंगे। प्रदेश के 25 लोकसभा क्षेत्रों में संसद पहुंचने का निर्णय हिंदू, मुस्लिम, सिख व विश्नोई जाट करते हैं। अगर जनवरी तक आरक्षण की घोषणा नहीं की तो कांग्रेस व सहयोगी दलों का खाता तक नहीं खुलने देंगे। जिलाध्यक्ष चौ. रुमाल सिंह ने कहा कि सम्भल से आंदोलन की शुरुआत कर देश के जाट आरक्षण आंदोलन को नई दिशा दी है। आंदोलन को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। सम्मेलन में चौ. नरेंद्र सिंह, रमेश सिंह, राहुल सिंह, अनिल कुमार, प्रहलाद सिंह, राजवीर सिंह, विजयवीर सिंह, सतेंद्र सिंह, सोमपाल सिंह, सरदार सिंह, वीरेंद्र सिंह, हरपाल सिंह आदि रहे। अध्यक्षता धूम सिंह ने व संचालन अरविंद सिंह ने किया।

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