यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 12, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चुनावी रंजिश में दो युवकों के हाथ-पैर काटे, एक की मौत
अबोहर में दो युवकों के हाथ-पैर काटने के बाद माहौल तनावपूर्ण है। शहर में बंद है। शुक्रवार को इन युवकों ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, अबोहर। यहां दो युवकों के हाथ-पैर काटने के बाद माहौल तनाव पूर्ण है। शहर में बंद है। शुक्रवार को इन युवकों का पिकअप यूनियन के चुनाव को लेकर हुए विवाद में हाथ-पैर काट दिए गए थे। एक युवक के दोनों हाथ व पैर काट दिए गए और इससे उसकी मौत हो गई। दूसरे का एक हाथ काट दिया गया था। इस घटना से लोगों में आक्रोश फैल गया था और उन्होंने जमकर तोड़फोड़ की थी। शनिवार को लोगों ने घटना के विरोध में रोष मार्च भी निकाला।
अबोहर की घटना, लोगों ने निकाला रोष मार्च व बाजार किया बंद

घटना के विरोध में अबोहर में बंद बाजार।
थाना बहाववाला की पुलिस ने मामले में 10 नामजद व छह अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। बताया जाता है कि इन युवकों भीम टांक व गुरजंट सिंह जंटा का टेंपो यूनियन काे लेकर विवाद था। इसको लेकर शुक्रवार को उनको समझौते के लिए बुलाया गया था। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और वहां मौजूद करीब 10 लोेगों ने दोनों पर हमला कर दिया।
उन्होंने दरिंदगी की सीमा को लांघते हुए भीम के दोनों हाथ व पैर काट डाले। उन्होंने गुरजंट का भी एक पैर व हाथ काट डाला। गंभीर रूप से घायल युवकों के नाम भीम व गुरजंट बताए गए हैं। उन्हें पहले सरकारी अस्पताल में ले जाया गया और बाद में अमृतसर लग जाया गया। वहां भीम की मौत हो गई। गुरजंट की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
बताया जाता है कि विवाद पिकअप वाहन यूनियन के चुनाव को लेकर था। भीम यूनियन का प्रधान था लेकिन कुछ अर्सा पूर्व उसे हटाकर हैरी नामक युवक को प्रधान बना दिया गया था। इसके बाद भीम पर आरोप लगा कि वह दूसरे शहरों से पिकअप वाहन मंगवा कर यहां लोड करवाता है। इस पर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था।

घटना के बाद लोगों के गुस्से का निशाना बने शराब ठेके।
घायल युवक गुरजंट सिंह जंटा के भाई रंजीत सिंह ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार को शराब व्यवसायी शिवलाल डोडा के गांव रामसरा स्थित फार्म हाउस पर दोनों पक्ष बातचीत के लिए आए थे। बताते हैं उस समय वहां शिवलाल डोडा स्वयं मौजूद नहीं था। वहां विवाद बढने पर दूसरे पक्ष ने उसके भाई जंटा व भीम पर हमला कर दिया। उन्होंने भीम के दोनों हाथ-पैर व जंटा का एक हाथ व एक पैर काट दिया।
दोनों को पहले अबोहर के सिविल अस्पताल में ले जाया गया जहां से उन्हें अमनदीप अस्पातल अमृतसर ले जाया गया जहां देर रात्रि भीम ने दम तोड़ दिया। भीम की मौत का समाचार सुनते ही संत नगर के लोगों में रोष फैल गया और रात्रि को शराब के दो ठेकों पर तोडफोड व आगजनी की घटना हुई। शनिवार सुबह भी लोगों ने शहर में रोष मार्च निकाला। दहशत के चलते शहर बंद हैं।
पुलिस ने ठेकों पर तोडफोड व अागजनी में करीब 125 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। भीम व जंटा के हाथ-पैर आटे जाने के मामले में हरप्रीत हैरी, राजा, वजीर, राधेश्याम, गुलाबिया, देवेंदर, विक्की पंडित, सिमरण, छज्जू व हैप्पी के अलावा छह अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है।
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि पुलिस ने भीम व एक अन्य पर शुक्रवार को ही दुष्कम्र का मामला भी दर्ज किया था। एक महिला ने आरोप लगाया था कि भीम व उसके साथी ने 3 दिसंबर को उसके साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार के विवाद में दुष्कर्म के मामले का कोई लेना देना नहीं था। संबंधी कोई मुददा नहीं था।
