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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नहर में मिला शव एनआरआइ होटल व्‍यवसायी रंजीत सिंह का नहीं

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Tue, 06 Oct 2015 12:05 PM (IST)Updated: Wed, 07 Oct 2015 11:50 AM (IST)

एनआरआई व्‍यवसायी और ब्रिटिश होटल व्‍यवसायी रंजीत सिंह पोवार के अपहरण के बाद हत्या के मामले में पांच माह बाद ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता,जालंधर। एनआरआई व्यवसायी और ब्रिटिश होटल व्यवसायी रंजीत सिंह पोवार के अपहरण के बाद हत्या के मामले में पांच माह बाद नया मोड़ आ गया है। रंजीत सिंह के परिजनों ने इंग्लैंड भिजवाए गए शव को रंजीत सिंह का मानने से इंकार कर दिया। रंजीत सिंह के परिजनों ने ब्रिटिश एंबेसी को दी जानकारी में कहा है कि रंजीत के डीएनए और शव के डीएनए में समानता नहीं है।

ब्रिटिश एंबेसी ने ई-मेल के जरिए जालंधर पुलिस को यह जानकारी दी है। उल्लेखनीय है कि डेढ़ माह की जांच के बाद जालंधर पुलिस ने एनआरआइ का शव अंबाला के पिहोवा (भेवा) रोड के साथ लगती नहर से बरामद किया था। इसके बाद जालंधर पुलिस ने होटलियर की मां का डीएनए सैंपल मंगवाकर जांच करवाकर दावा किया था कि शव एनआरआई रंजीत सिंह का ही है।

रंजीत के दोस्त दर्शन सिंह ने भी शव रंजीत सिंह का ही होने का दावा किया था, लेकिन अब रंजीत सिंह के परिजनों के इस खुलासे के बाद पुलिस की जांच पर सवालिया निशान लग गया है।

रंजीत सिंह की मां को बुलाया जाएगा भारत

ब्रिटिश एंबेसी से आए मेल के बाद जालंधर पुलिस जवाब देने की तैयारी में जुट गई है। सोमवार को एडीसीपी अमरीक सिंह ने डीए लीगल से राय ली। दो घंटे तक दोनों में चली बातचीत के बाद होटल व्यवसायी रंजीत सिंह की मां को भारत बुलाने का फैसला किया गया।

यह है मामला

18 मई 2015 सोमवार को इंग्लैंड के होटल व्यवसायी अमरीक सिंह ने जालंधर पुलिस कमिश्नर को दी शिकायत में बताया था कि वह इंग्लैंड में अपने भाई रंजीत सिंह के साथ रहता है। उसका भाई रंजीत सिंह 7 मई को इग्लैंड से जालंधर आया था। 8 मई को अमृतसर पहुंचा जहां पर उनके व्यावसायिक पार्टनर बलदेव सिंह ने रंजीत सिंह को रिसीव किया। अमृतसर पहुंचने पर उसकी अपने भाई से बात भी हुई। उसके बाद से उसका फोन बंद था और बाद में भाई की मौत होने के बारे में पता चला था।

'' ब्रिटिश एंबेसी से ई-मेल आई है, जिसमें कहा गया है कि जालंधर से भेजा गया शव एनआरआइ रंजीत सिंह का नहीं है। जालंधर पुलिस को जो डीएनए सैंपल इंग्लैंड से मिले थे, उसके हिसाब से जांच की गई है। अब यदि इसे गलत बताया जा रहा है तो रंजीत सिंह के किसी परिजन को जालंधर बुलाकर जांच की जाएगी। हत्यारोपी बलदेव सिंह भी ब्रिटेन में है और उसका भी इसमें कोई हाथ हो सकता है।
- अमरीक सिंह पोवार, एडीसीपी 2।