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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 24, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पंजाब में कुत्ता, बिल्ली व अन्य घरेलू पालतू पर देना होगा टैक्स

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Tue, 24 Oct 2017 01:37 PM (IST)Updated: Wed, 25 Oct 2017 10:28 AM (IST)

पंजाब में अब घरेलू पशुओं से भी टैक्स वसूला जाएगा। इन्हें पालने वालों को लाइसेंस लेना होगा और इसे हर साल रिन्यू भी कराना होगा।

पंजाब में कुत्ता, बिल्ली व अन्य घरेलू पालतू पर देना होगा टैक्स
पंजाब में कुत्ता, बिल्ली व अन्य घरेलू पालतू पर देना होगा टैक्स

जेएनएन, चंडीगढ़। पंजाब सरकार अब पालतू पशुओं पर भी टैक्स वसूल करेगी। सरकार ने इस संबंध में नगर निगमों को सरकार ने निर्देश जारी किए थे। अब इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इसके मुताबिक बिल्ली, कुत्ता, सुअर, बकरी, बछड़ा, भेड़, हिरण आदि पालने वाले लोगों को 250 रुपये प्रतिवर्ष टैक्स देना होगा, जबकि गाय, भैंस, सांड, ऊंट, घोड़ा, हाथी आदि पालने वालों को 500 रुपये प्रतिवर्ष टैक्स भरना होगा। हालांकि सरकार ने टैक्स लगाने की बात का खंड़न किया। जबकि सरकार के हलफनामे में इसकी जिक्र है। 

टैक्स वसूली के लिए राज्य में पालतू पशुओं के लाइसेंस जारी किए जाएंगे, जिन्हें हर वर्ष रिन्यू करवाना होगा। लाइसेंस रिन्यू न करवाने पर जुर्माना वसूला जाएगा।  कुत्ता-बिल्ली वर्ग का कोई मालिक अगर निर्धारित अवधि से 30 दिनों के भीतर लाइसेंस रिन्यू नहीं करवाएगा तो उससे 150 रुपये जुर्माना वसूल किया जाएगा। इसी प्रकार गाय-भैंस वर्ग में अगर लाइसेंस रिन्यू नहीं करवाया जाएगा तो मालिक को 200 रुपये जुर्माना अदा करना पड़ेगा।

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नोटिफिकेशन के अनुसार सभी पालतू जानवरों को रजिस्टर्ड कराना अनिवार्य होगा और उनसे संबंध‍ित यूएलबी व लाइसेंस जारी किए जाएंगे। जानवरों के मालिक को नगर निगमों से एक टैग भी जारी किया जाएगा। इस टैग पर रजिस्ट्रेशन नंबर और मालिक का नाम लिखा होगा। ऐसे जानवरों को दो बार से अध‍िक बार यदि रोड पर घूमते पाया गया तो उनका रजिस्ट्रेशन नंबर कैंसल कर दिया जाएगा।

स्थानीय निकाय विभाग ने किया खंड़न

स्थानीय निकाय विभाग, पंजाब ने पालतू जानवरों पर टैक्स लगाने संबंधी खबरों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि ये तथ्य रहित हैं। 

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विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि स्थानीय निकाय विभाग द्वारा ऐसा कोई टैक्स नहीं लगाया जा रहा है। प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि मीडिया के हिस्से में चल रहे पत्रों पर टैक्स लाने साथ कोई स बन्ध नहीं है। उन कहा कि इन पत्रों में विभाग द्वारा माननीय अदालत के आदेशों के अंतर्गत पंजाब युनिसीपल निगम और युनिसीपल (रजिस्ट्रेशन कंट्रोल ऑफ स्ट्रैय एनीमलज और क पनसेशन टू द विकटिम ऑफ एनिमल अटैक) बाईलाज 2017 बनाने से स बन्धित है।

प्रवक्ता ने बताया कि माननीय पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा सिवल रिट्ट पटीशन नं. 14188 ऑफ 2017 राम कुमार बनाम पंजाब सरकार और अन्य केस संबंधी पंजाब, हरियाणा और यू.टी. को आवारा कुत्तों /जानवरों द्वारा राहगीरों को काटे जाने से रोकने और मृतक व्यक्ति के परिवार को मुआवज़ा देने संबंधी नीति बनाने के लिए कहा गया था। इस प्रस्ताव के अंतर्गत कोई भी नया टैक्स लाने संबंधी नहीं कहा गया है बल्कि लोगों की सुविधा के लिए आवारा कुत्ते/जानवर के काटे जाने कारण मौत होने की सूरत में मुआवज़ा देने का प्रस्ताव/नीति तैयार करने संबंधी पत्र जारी किया गया है।
 

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