यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 03, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
खराब परीक्षा परिणाम को लेकर शिक्षा मंत्री ने लगाई अधिकारियों की क्लास
शिक्षा मंत्री ने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के मुख्यालय में विभाग के समस्त अधिकारियों और राज्य में तैनात समस्त मंडल एवं जिला शिक्षा अधिकारियों (सेकेंडरी एवं एलीमेंटरी) की क्लास ली।

जेएनएन, मोहाली। पंजाब में दसवीं के परीक्षा परिणाम बेहद निराशाजनक थे। इसके लिए जो भी अधिकारी व शिक्षक जिम्मेदार हैं, उन्हें अपनी जिम्मेदारी का अहसास होना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसा न हो। यह बात राज्य की शिक्षा मंत्री अरुणा चौधरी ने शनिवार को मोहाली में कही।
उन्होंने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के मुख्यालय में विभाग के समस्त अधिकारियों और राज्य में तैनात समस्त मंडल एवं जिला शिक्षा अधिकारियों (सेकेंडरी एवं एलीमेंटरी) की क्लास ली। चौधरी ने कहा कि शिक्षा विभाग राष्ट्र के भविष्य से जुड़ा हुआ है। शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली में तेजी लाने की जरूरत है। इसके साथ-साथ लोगों को भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी सेवाएं प्रदान की जानी चाहिए, ताकि लोगों के काम जल्द हों।
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शिक्षक ही दें सुझाव
शिक्षा मंत्री ने कहा कि क्षेत्र के अधिकारी शिक्षा स्तर उठाने के लिए खुद सुझाव दें। हर प्रकार की फीडबैक और अच्छे के लिए सुझाव पर अधिकारी काम करें, ताकि कार्यप्रणाली में सुधार लाया जा सके । शिक्षा मंत्री ने कहा कि नीतिगत फैसलों संबंधी विभाग का कोई भी अधिकारी चाहें वह मुख्यालय या क्षेत्र में तैनात हो, कोई भी पत्र जारी करने से पूर्व उच्च अधिकारियों की स्वीकृति अवश्य ले। बच्चों से जुड़े होने के कारण शिक्षा विभाग का हर कामकाज बहुत संवेदनशील है। इसको करते हुए कोई भी लापरवाही न की जाए।
विभाग से संबंधित फील्ड में से किसी भी प्रकार का डाटा एकत्र करने के लिए कभी भी स्कूलों को एकदम निर्देश जारी कर अनावश्यक दबाव न डाला जाए, बल्कि समय-समय पर विभाग का डाटा निरंतर अपडेट किया जाए, ताकि किसी भी समय किसी भी डाटा को एकत्र करने की कठिनाई न आए। जिला शिक्षा अधिकारी के पास जिले से संबंधित शिक्षा विभाग की प्रत्येक जानकारी अपने पास होनी चाहिए।
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परीक्षाओं में न हो नकल
शिक्षा मंत्री ने कहा कि मैट्रिक और बारहवीं की परीक्षा में कंपार्टमेंट वाले विद्यार्थियों का एक वर्ष बचाने के लिए 23 जून से ही री-अपीअर परीक्षाएं ले रहें हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं में किसी तरह की नकल नहीं होनी चाहिए। इस दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अपने विचार पेश किए।
