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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 12, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

SYL पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से विपक्ष के निशाने पर आई सरकार

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Wed, 12 Jul 2017 10:06 AM (IST)Updated: Wed, 12 Jul 2017 10:08 AM (IST)

एसवाइएल पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विपक्षी दल आम आदमी पार्टी व शिरोमणि अकाली दल ने सरकार पर निशाना साधना सुरू कर दिया है।

SYL पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से विपक्ष के निशाने पर आई सरकार
SYL पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से विपक्ष के निशाने पर आई सरकार

जेएनएन, चंडीगढ़। एसवाइएल पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से विपक्ष ने सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी का कहना है कि इस मसले का हल रिपेरियन सिद्धांत के तहत ही होना चाहिए। शिअद इस मामले पर हरियाणा से किसी प्रकार के समझौते के पक्ष में नहीं है। वहीं, आप सर्वमान्य हल की बात कर रही है।

शिअद का कहना है कि पंजाब का अपने पानी पर पुश्तैनी हक है। इस पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। अब तो पंजाब के अंदर एसवाइएल का नाम निशान ही नहीं है। अकाली भाजपा सरकार ने इस नहर के लिए अधिगृहीत की गई जमीन को ही किसानों को वापस कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने स्पष्ट कह दिया है कि एसवाइएल मुद्दे के हल के लिए रिपेरियन सिद्धांत के बाहर जाकर कोई भी फैसला मंजूर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि रिपेरियन सिद्धांत को तोड़ा-मरोड़ा नहीं जा सकता। इसके बाहर अगर कोई फैसला लिया गया तो पंजाब व संवैधानिक ढांचे में भरोसा रखने वाले किसी भी व्यक्ति को स्वीकार नहीं होगा।

गैर रिपेरियन राज्य के हक को स्पष्ट करे सुप्रीम कोर्ट: बादल

पूर्व मुख्यमंत्री बादल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को पहले यह तय कर लेना चाहिए कि किसी भी दरिया के पानी के ऊपर किस सूबे का हक है। सुप्रीम कोर्ट को यह भी स्पष्ट कर देना चाहिए कि गैर रिपेरियन राज्य उस दरिया के पानी के ऊपर हक जता सकता है, जो उसके सरहद को भी छू कर नहीं जाता हो? गैर रिपेरियन राज्य को पानी देने के साथ कुदरती स्रोत के मुद्दे खास कर दरियाई पानी के मुद्दे पर पूर्ण रूप से संवैधानिक अराजकता वाली स्थिति पैदा हो जाएगी।

कैप्टन एलान करें, न एसवाइएल बनेगी न पानी जाएगा : सुखबीर

अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल का कहना है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को एलान करना चाहिए कि न तो एसवाइएल बनेगा और न ही पानी जाएगा। यह एलान करना इसलिए भी अहम है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट की ओर से दो माह का समय मिलने को लेकर कैप्टन ने स्वागत किया है। इससे यह संदेश जाता है कि वह पंजाब के पानी के लिए हरियाणा से बातचीत करने को तैयार है। कैप्टन किस बात का समझौता करना चाहते हैं। क्या वह पंजाब के हितों को बेचना चाहते हैं?

राजनीति से ऊपर उठ कर हो फैसला: मान

आम आदमी पार्टी के प्रधान भगवंत मान ने कहा है कि एसवाइएल मुद्दे का हल रिपेरियन सिद्धांत के तहत ही हो। उनका कहना है कि इस मामले में राजनीति नहीं बल्कि राजनीति से ऊपर उठ कर फैसला लेना होगा। मान का कहना है कि जब पंजाब, हरियाणा और केंद्र में भाजपा की सरकार थी, तब अकाली दल कुछ नहीं बोला और आज भी चुप है।

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