यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 01, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नवजाेत सिंह सिद्धू की पत्नी ने भाजपा नेतृत्व काे 'अप्रैल फूल' बनाया
पूर्व क्रिकेटर व नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी और पंजाब में मुख्य संसदीय सचिव नवजोत कौर सिद्धू ने पहली ...और पढ़ें

अमृतसर, [अशोक नीर]। करीब तीन वर्षों से जब तब भाजपा नेतृत्व के लिए असहज स्थिति पैदा करने वाली पूर्व भाजपा सांसद व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी व राज्य की मुख्य संसदीय सचिव डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने अप्रैल फूल के बहाने भाजपा नेतृत्व और राज्य सरकार पर जमकर हमला किया। नवजोत कौर ने सबसे पहले अपने फेसबुक अकाउंट पर भाजपा से अपना इस्तीफा पोस्ट कर दिया। इससे राजनीति के गलियारे में हलचल मच गई। उन्होंने इस्तीफे के साथ लिखा- अब मार मुक्त हो गई। बात मं जब सरर्गी ज्यादा बढ़ी तो दोपहर बाद उनके निजी सचिव ने बताया कि उन्होंने 'अप्रैल फूल' बनाया है।
पहले फेसबुक पर भाजपा से इस्तीफा पोस्ट किया, फिर सरकार व पार्टी पर भड़ास निकाल वापस लिया
तीन घंटे बाद फेसबुक पर अपने पोस्ट को अपडेट किया और इस्तीफे के पोस्ट काे तो हटा दिया, लेकिन भाजपा और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। इसके बाद उनके इस्तीफे के चर्चे पर विराम लगा दिया। बताया जाता है कि पति नवजोत सिंह सिद्धू ने फोन पर उन्हें समझाया, उसके बाद उन्होंने अपना पोस्ट हटाया।
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उन्होेंने फेसबुक पोस्ट अपडेट करते हुए लिखा कि दो माह पूर्व उनके विधानसभा क्षेत्र के लिए लगभग 90 करोड़ की राशि जारी की गई थी, जिसमें 79 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के टेंडर नगर सुधार ट्रस्ट ने जारी किए थे। 20 दिन बीत गए टेंडर जारी हुए लेकिन काम आगे नहीं बढ़ा। बताया जा रहा ट्रस्ट का कंप्यूटर खराब है।
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर निशाना साधते हुए उन्होंने लिखा कि चंडीगढ़ स्थित 'आकाओं' के आदेश पर टेंडर रोके गए हैं। वह (सीएम) उन्हें 'पुत्री' (बीबा) व ' बहन' जैसे अलंकारों से संबोधित करते हैं। ऐसा करके वह इन पवित्र रिश्तों के महत्व को नकार रहे हैं। इसके साथ ही डॉ. सिद्धू ने लिखा ' मैं आपके रिश्तेदारों के लिए सीट खाली करने के लिए तैयार हूं।'
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भाजपा से नहीं मिल रहा सहयोग
डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने इस्तीफे की सूचना पोस्ट कर इस बात के संकेत दे दिए हैं कि वह मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की कार्यप्रणाली से खफा हैं। भाजपा की प्रदेश लीडरशिप से भी उन्हें सहयोग नहीं मिल रहा है। इसलिए वह कभी भी इस्तीफा दे सकती हैं। डॉ. सिद्धू पूर्व में कई बार घोषणा कर चुकी हैं कि वह अकाली दल के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी।
पति से बात कर अपडेट की पोस्ट
पूरे घटनाक्रम के बीच में दिन में लगभग एक बजे पति नवजोत सिंह सिद्धू ने उनसे बात की। बताया जाता है नवजोत सिंह सिद्धू के समझाने के बाद वह पोस्ट हटाने को राजी हुईं और पोस्ट को अपडेट किया। यह भी पता चला है कि डॉ. सिद्धू फगवाड़ा स्थित आरएसएस के एक पदाधिकारी के निवासी पर भी गई थीं। इन्होंने डॉ. सिद्धू को इस्तीफे न देने को कहा और भाजपा नेताओं से बात करने का भरोसा दिलाया है।
