यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 12, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बाल विवाह ने छिनी आठ साल की मासूम की जान
शादी के नाम पर दरिंदगी का एक चेहरा ऐसा भी है जिससे हमारे समाज को कोई आपत्ति नहीं होती है। ...और पढ़ें

यमन। शादी के नाम पर दरिंदगी का एक चेहरा ऐसा भी है जिससे हमारे समाज को कोई आपत्तिनहीं होती है। बाल विवाह हमारे समाज की ऐसी कुप्रथा है जिससे हम सब परिचित हैं। ऐसी ही परंपरा का एक वाकया जिसमें आठ साल की मासूम बच्ची भेंट चढ़ गई।
इस मासूम बच्ची की शादी जबरन एक 40 वर्षीय व्यक्ति से करा दी गई। सुहागरात के नाम पर व्यक्ति ने बच्ची के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाया परिणामस्वरूप लड़की के संवेदनशील अंगों से खून बहने लगा परंतु उस व्यक्ति को मासूम पर जरा सा भी तरस न आया उसने अपनी हैवानियत जारी रखी। समय पर उपचार न हो पाने के कारण लड़की ने कुछ समय में ही दम तोड़ दिया।
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घटना यमन के कबीलाई इलाके की है। लड़की का नाम रावान था। यहां ऐसा पहली बार नहीं हुआ, पहले भी यहां परंपरा के नाम पर कम उम्र की लड़कियों को नरक में धकेला जाता रहा है। घटना के प्रकाश में आने के बाद देश के मानवधिकार कार्यकर्ता पति के खिलाफ सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। परंतु ऐसी घटनाओं के पीछे लड़की का परिवार भी उतना ही दोषी होता है जितना कि विवाह करने वाला व्यक्ति।
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