यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 04, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ब्रिटेन ने बदले वीजा नियम, आईटी प्रोफेशनल्स होंगे सबसे अधिक प्रभावित
ब्रिटेन ने अपने वीजा नियमों में बदलाव किया है। नए बदलावों का सबसे ज्यादा असर आईटी प्रोफेशनल्स पर होगा।

लंदन, प्रेट्र : ब्रिटिश सरकार ने यूरोपीय संघ (ईयू) से बाहर के देशों के लिए अपनी वीजा नीति बदल दी है। तेजी से बढ़ रहे आव्रजन आंकड़े पर अंकुश लगाने के लिए यह कदम उठाया गया है। नई वीजा नीति से बड़ी संख्या में भारतीय आइटी पेशेवर प्रभावित होंगे। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा की रविवार से शुरू होने जा रही तीन दिवसीय भारत यात्रा के पहले वीजा नियम बदले गए हैं।
ब्रिटेन के गृह विभाग द्वारा गुरुवार की शाम घोषित नई वीजा नीति के तहत 24 नवंबर के बाद टीयर 2 इंट्रा-कंपनी ट्रांसफर (आइसीटी) वर्ग में आवेदन करने वाले को उच्च वेतन सीमा की मांग पूरी करनी होगी। इससे पहले वेतन सीमा 20,800 पौंड निर्धारित थी जिसे बढ़ाकर 30,000 पौंड कर दिया गया है।
आइसीटी का सबसे ज्यादा इस्तेमाल ब्रिटेन में भारतीय कंपनियां करती हैं। ब्रिटेन की आव्रजन सलाहकार समिति (एमएसी) ने इस वर्ष के शुरू में पाया कि इस जरिये से जारी होने वाले 90 फीसदी वीजा भारतीय आइटी कर्मियों के होते हैं।
ब्रिटिश गृह विभाग ने कहा है, 'एमएसी की समीक्षा के बाद सरकार द्वारा मार्च में घोषित टीयर 2 में पहले दो चरण के बदलाव से 24 नवंबर या उसके बाद किए जाने वाले आवेदन प्रभावित होंगे।'
टीयर 2 आइसीटी वेतन सीमा में वृद्धि के अलावा अन्य बदलाव भी किए गए हैं। अनुभवी कर्मचारियों के लिए टीयर 2 (सामान्य) वेतन सीमा कुछ छूटों के साथ 25000 पौंड तय की गई है। टीयर 2 (आइसीटी) ग्रेजुएट ट्रेनी वेतन सीमा को घटाकर 23000 पौंड किया गया है और प्रति कंपनी प्रति वर्ष स्थानों की संख्या बढ़ाकर 20 की गई है।
टीयर 2 (आइसीटी) स्किल ट्रांसफर उप वर्ग को बंद कर दिया गया है। टीयर 4 वर्ग में भी कई बदलाव किए गए हैं।
नई अंग्रेजी का भी बोझ डाला :
भारतीय सहित यूरोपीय संघ से बाहर के लोगों पर नई अंग्रेजी भाषा आवश्यकता का भी प्रभाव पड़ेगा। पांच वर्ष निवास पर रहने वाले को ब्रिटेन में ढाई वर्ष गुजार लेने के बाद परिवार के सदस्य के रूप में बसने का आवेदन करने पर नई अंगे्रजी भाषा आवश्यकता प्रभावित करेगी।
