यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 06, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दो भारतीय भाई अल-कायदा की मदद में फंसे
अमेरिका में दो भारतीय भाइयों सहित चार पर आतंकी संगठन अल-कायदा की मदद के आरोप में मुकदमा चलेगा। एक अमेरिकी ...और पढ़ें

वाशिंगटन, प्रेट्र : अमेरिका में दो भारतीय भाइयों सहित चार पर आतंकी संगठन अल-कायदा की मदद के आरोप में मुकदमा चलेगा। एक अमेरिकी अदालत ने इनके खिलाफ हिंसक जिहाद छेड़ने और अल-कायदा के मारे गए नेता अनवार अल अवलाकी को साजो-सामान मुहैया कराने के आरोप तय किए हैं। आरोपी बनाए गए भारतीय भाई याह्या फारूक मोहम्मद (37) और इब्राहिम जुबैर मोहम्मद (36) हैं। दो अन्य आरोपी अमेरिकी नागरिक आसिफ अहमद सलीम (35) और उसका भाई सुल्तान रूम सलीम (40) है।
फारूक और इब्राहिम पर हजारों डॉलर की बैंक धोखाधड़ी करने का भी अतिरिक्त आरोप लगाया गया है। सहायक अटॉर्नी जनरल जॉन कारलिन ने गुरुवार को बताया कि आरोप-पत्र के अनुसार, फारूक, इब्राहिम, आसिफ और सुल्तान ने हिंसक जिहाद में सहयोग करने के अवलाकी के आह्वान के बाद उसे साजो-सामान मुहैया कराए और आर्थिक मदद दी थी।
न्याय विभाग ने बताया कि फारूक ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी में 2002 से 2004 के बीच इंजीनियरिंग का छात्र था। मार्च 2008 के आसपास उसने एक अमेरिकी नागरिक से शादी की। उसके भाई इब्राहिम ने 2002 से 2005 के बीच यूनिवर्सिटी आफ इलिनॉयस अरबाना शैंपेन से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। 2006 में वह ओहायो के तोलेदो में चला गया और उसने भी एक अमेरिकी नागरिक से शादी कर ली। 2007 में वह अमेरिका का वैध स्थायी निवासी बन गया।
आरोप-पत्र के अनुसार 22 जुलाई 2009 को फारूक दो अन्य के साथ अवलाकी से मिलने के लिए यमन गया था। मिलने में नाकाम रहने के बाद ये लोग अवलाकी के सहयोगी से मिलने यमन के सना चले गए। वहां उन्होंने अवलाकी के सहयोगी को करीब 22 हजार डॉलर दिए। अल अवलाकी 2011 में एक अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया था।
