यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 03, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ट्रंप के 'मेरिट आधारित' इमिग्रेशन सिस्टम से भारतीय प्रोफेशनल्स को होगा लाभ
इस विधेयक के आने के बाद गरीबी में कमी और सैलरी में बढ़ोतरी होगी। वहीं लाखों करदाताओं के लाखों डॉलर बचाने में मदद मिलेगी।

वाशिंगटन, पीटीआइ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक नई इमिग्रेशन पॉलिसी लेकर आ रहे हैं। अगर इस पॉलिसी से जुड़े विधेयक को मंजूरी मिल जाती है, तो मेरिट के आधार पर विदेशियों को अमेरिका में आकर काम करने की अनुमति मिलेगी। अगर आप भी अमेरिका जाकर नौकरी करने की सोच रहे हैं, तो इस पॉलिसी का लाभ आप उठा सकते हैं, बशर्ते आपनी अंग्रेजी पर अच्छी पकड़ हो।
हालांकि अभी इस विधेयक को कांग्रेस से अनुमति मिलनी बाकी है। इस विधेयक को रिफॉर्मिंग अमेरिकन इमिग्रेशन फॉर स्ट्रॉन्ग एंप्लायमेंट(आरएआइएसई) नाम दिया गया है। इस विधेयक से भारत जैसे देशों के टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स को मिलेगा। विधेयक आने के बाद ग्रीन कार्ड लेने के लिए अमेरिका अपना पुराने लॉटरी सिस्टम को खत्म कर देगा। मेरिट के लिए आवेदकों की अंग्रेजी पर पकड़, शिक्षा का स्तर, जॉब ऑफर और उम्र को ध्यान में रखा जाएगा।
बताया जा रहा है कि इस विधेयक के आने के बाद गरीबी में कमी और सैलरी में बढ़ोतरी होगी। वहीं लाखों करदाताओं के लाखों डॉलर बचाने में मदद मिलेगी। ग्रीन कार्ड की मदद से विदेशियों को अमेरिका में स्थाई रूप से रहने का अधिकार, काम करने की अनुमति और अमेरिकी नागिरक बनने का अधिकार दिया जाता है।
