यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सर्जरी के दौरान 'पेन' से कैंसर संक्रमित टिश्यू की पहचान
यह पेन सर्जरी के दौरान कैंसर संक्रमित टिश्यू या ऊत्तक का महज 10 सेकेंड में सटीक तौर पर पता लगाने में सक्षम है।

ह्यूस्टन, प्रेट्र : अमेरिकी शोधकर्ताओं के एक दल ने कैंसर से निपटने की दिशा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास, ऑस्टिन के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा पेन विकसित करने का दावा किया है जो सर्जरी के दौरान कैंसर संक्रमित टिश्यू या ऊत्तक का महज 10 सेकेंड में सटीक तौर पर पता लगाने में सक्षम है। मौजूदा प्रक्रिया में 30 मिनट या उससे ज्यादा का समय लगता है। साथ ही कई बार संक्रमित टिश्यू का सही-सही पता भी नहीं चल पाता है।
अमेरिकी शोधकर्ताओं ने इस खास उपकरण को 'मैसस्पेक पेन' का नाम दिया है। संक्रमित टिश्यू की पहचान कर उसे अलग करने से जानलेवा बीमारी के दोहराव का खतरा नहीं रहता है। विशेषज्ञों ने बताया कि इससे सर्जन को ऑपरेशन के दौरान काफी मदद मिलेगी। मौजूदा प्रक्रिया से पीडि़तों में बीमारी के फिर से होने का खतरा रहता है।
ऐसे काम करता है खास पेन
स्वस्थ और संक्रमित कोशिकाएं बेहद छोटे-छोटे मोलेक्यूल पैदा करती हैं। इन्हें मेटाबोलाइट्स कहते हैं। ये सूक्ष्म मोलेक्यूल ताकत, शारीरिक विकास और प्रजनन में सहायक होते हैं। इतना ही नहीं मेटाबोलाइट्स टॉक्सिन या विषैले पदार्थो को खत्म करने में भी मददगार होते हैं। चूंकि सामान्य व्यक्ति और कैंसर पीडि़तों में उत्पन्न होने वाले मेटाबोलाइट्स में काफी अंतर होता है, मैसस्पेक पेन इसकी तुरंत पहचान कर लेता है। जांच के बाद कंप्यूटर स्क्रीन पर स्वत: 'सामान्य' या 'कैंसर' लिखा आने लगता है। शोधकर्ताओं ने जांच के लिए स्तन, फेफड़े, थायरॉयड और ओवरी के नमूने लिए थे। इनमें सामान्य के साथ कैंसर संक्रमित टिश्यू थे।
