यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 08, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
उत्तर कोरिया ने रेल रोकने की कोशिश की तो दक्षिण कोरिया ने रोके जहाज
कोरिया प्रायद्वीप में तनाव का दौर बना हुआ है। उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के रेलकर्मियों के ईमेल अकाउंट हैक ...और पढ़ें

सियोल। कोरिया प्रायद्वीप में तनाव का दौर बना हुआ है। उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के रेलकर्मियों के ईमेल अकाउंट हैक करके यातायात व्यवस्था बाधित करने का प्रयास किया। तो दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया से आने वाले जहाजों के अपनी जल सीमा से गुजरने पर रोक लगा दी।
दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी ने मंगलवार को यह खुलासा किया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, हाइड्रोजन बम और लंबी दूरी के मिसाइल परीक्षण से पैदा तनाव की स्थितियों में उत्तर कोरिया ने अपनी खुफिया एजेंसियों को प़़डोसी देश पर साइबर हमले के निर्देश दिए थे। अब उसी पर अमल करते हुए एजेंसियों ने दक्षिण कोरिया की रेल यातायात व्यवस्था को बाधित करने का प्रयास किया है। हालांकि दक्षिण कोरिया की सतर्कता के चलते इस प्रयास को ज्यादा सफलता नहीं मिल पाई।
उत्तर कोरिया ने परमाणु परीक्षण के बाद दक्षिण कोरिया को साइबर हमले की धमकी दी है। पहले भी दक्षिण कोरिया तानाशाह किम जोंग--उन के देश पर साइबर हमले करने के आरोप लगा चुका है। अधिकारियों के फोन हैक किए दक्षिण कोरिया की प्रमुख खुफिया एजेंसी ने बताया कि प्योंगयांग ने उनके देश के कई सरकारी अधिकारियों के स्मार्टफोन हैक कर लिए और उनमें से डाटा चोरी कर लिया। नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस एनआईएस के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने पिछले माह से हैकिंग को अंजाम दिया जिसमें से 20 फीसदी स्मार्टफोन पर वायरस की समस्या ख़़डी हो गई।
अमेरिका से भी हुआ है विवाद
2014 में अमेरिका ने उत्तर कोरिया पर सोनी पिक्चर्स पर साइबर हमला करने का आरोप लगाया था। अमेरिका का आरोप था कि उसने किम जोंग--उन पर आधारित फिल्म की रिलीज को रोकने के लिए यह हमले किए हैं। हालांकि उत्तर कोरिया ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। जहाजों पर लगाई रोक इस बीच दक्षिण कोरिया ने प़़डोसी देश के साथ हथियार सौदे में संपर्क के शक में 40 लोगों और 30 फर्मो पर रोक लगा दी है। उसने उन जहाजों के भी अपने यहां आने पर रोक लगा दी है, जो उत्तर कोरिया के तट पर रके होंगे। इससे उत्तर कोरिया के व्यापार और उसकी शिपिंग से जु़़डी कंपनियों को नुकसान होने का अंदेशा है।
