यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 06, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पीएम मोदी ने सू की को भेंट की उनके शोध प्रस्ताव की कॉपी
मोदी ने ट्वीट में कहा, 'आंग सान सू की को उनके मूल शोध प्रस्ताव की विशेष प्रति भेंट की।

नेपीता, प्रेट्र । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू की को बुधवार को उनके मूल शोधपत्र के प्रस्ताव की कॉपी भेंट की। सू की ने इसे 1986 में शिमला के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज (आइआइएएस) में दाखिल किया था।
मोदी ने ट्वीट में कहा, 'आंग सान सू की को उनके मूल शोध प्रस्ताव की विशेष प्रति भेंट की। उन्होंने इसे मई 1986 में शिमला के आइआइएएस में फेलोशिप के लिए जमा किया था।' प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के बाद 72 वर्षीय सू की को यह उपहार दिया। सू की का भारत से गहरा जुड़ाव रहा है। वह 1964 में दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से ग्रेजुएट हुई थीं। उन्होंने यहां से राजनीतिक विज्ञान में पढ़ाई की थी। वह शिमला स्थित प्रतिष्ठित आइआइएएस की शोधार्थी भी रह चुकी हैं। उन्होंने ब्रिटिश काल में भारत की ग्रीष्मकालीन राजधानी रहे इस शहर में अपने पति माइकल एरिस और दो बेटों किम व एलेक्जेंडर के साथ कुछ वक्त भी गुजरा था।
11वीं सदी के आनंद मंदिर भी गए प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार के प्राचीन शहर बागान के प्रसिद्ध 11वीं सदी के आनंद मंदिर का भी दौरा किया। यह जानकारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट के जरिये दी। यह मंदिर पिछले साल आए भूकंप में क्षतिग्रस्त हो गया था। इसका पुनर्निर्माण भारत के सहयोग से किया जा रहा है। यह मंदिर मोन वास्तुकला की निशानी है और इस पर भारतीय प्रभाव भी दिखता है। ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण वर्ष 1105 में सम्राट क्यानजित्था ने कराया था।
