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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 06, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देशहित में कड़े फैसले लेने से हम नहीं घबराते : पीएम मोदी

By Manish NegiEdited By:
Published: Wed, 06 Sep 2017 10:08 PM (IST)

मोदी ने कहा कि यंगून वह पवित्र धरती है जिसने बुद्ध को सहेजा। भारत और म्यांमार की सीमाएं ही नहीं भावनाएं भी जुड़ी हैं।

देशहित में कड़े फैसले लेने से हम नहीं घबराते : पीएम मोदी
देशहित में कड़े फैसले लेने से हम नहीं घबराते : पीएम मोदी

यंगून, प्रेट्र। नोटबंदी के लिए सरकार की आलोचनाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि हम देश के हित में बड़े और कड़े फैसले लेने से जरा भी घबराते नहीं हैं। हमारे लिए दल से बड़ा देश है। म्यांमार दौरे पर आए प्रधानमंत्री ने बुधवार को यहां पर भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि चाहे सर्जिकल स्ट्राइक हो या जीएसटी या नोटबंदी। हमने हर फैसला बिना डर और संकोच के लिया है। उन्होंने कहा कि जीएसटी से भी देश में ईमानदारी के साथ कारोबार करने का माहौल तैयार हो रहा है। मोदी ने कहा कि हम भारत को गरीबी, जातिवाद, सांप्रदायिकता और भ्रष्टाचार मुक्त स्वच्छ देश बनाकर ही रहेंगे।

मोदी ने कहा कि यंगून वह पवित्र धरती है जिसने बुद्ध को सहेजा। भारत और म्यांमार की सीमाएं ही नहीं भावनाएं भी जुड़ी हैं। यहीं बोस ने कहा था कि तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा। यहीं बालगंगाधर तिलक ने गीता रहस्य की रचना की। यहां मैं एक ही जगह भारत की संस्कृति और परंपरा देख रहा हूं। 

सुषमा की तारीफ

प्रधानमंत्री ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की भी खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि किसी अन्य देश के विदेश मंत्री अन्य देशों में रह रहे अपने लोगों की दुख दर्द के लिए इतने एक्टिव नहीं हैं, जितनी सुषमा स्वराज हैं। पूरी दुनिया में किसी भारतीय को किसी तरह की समस्या होती है, तो वह ट्विटर पर सुषमा जी से संपर्क करता है और उसकी समस्या का समाधान हो जाता है। 

म्यांमार के नागरिकों को मुफ्त वीजा 

इससे पहले मोदी ने म्यांमार के नागरिकों को मुफ्त वीजा प्रदान करने की घोषणा की। मोदी ने यह घोषणा ने पी ता में म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू की के साथ व्यापक वार्ता के बाद संयुक्त बयान में की। उन्होंने यह भी घोषणा की कि भारत ने म्यांमार के 40 नागरिकों को रिहा करने का निर्णय किया है जो वर्तमान समय में भारत की विभिन्न जेलों में बंद हैं। भारत और म्यांमार के बीच कुल 11 समझौते हुए।

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