यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 09, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सऊदी अरब संबंध सुधारने को कतर से नहीं करेगा बात
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को कतरी एमिर शेख तामिम बिन हमद अल थानी ने शुक्रवार को ...और पढ़ें

रियाद, एएफपी/रायटर। सऊदी अरब और कतर के नेताओं के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद इतनी तल्खी पैदा हुई कि संबंध सामान्य बनाने के लिए होने वाली पहल को स्थगित करना पड़ा। सऊदी अरब ने आरोप लगाया है कि कतर गलत तथ्यों पर बात करना चाहता है, जो उसे अस्वीकार्य है। तीन महीने पहले सऊदी अरब और उसके तीन मित्र देशों ने कतर पर आतंकवाद के समर्थन का आरोप लगाकर संबंध तोड़ लिये थे। हाल के दिनों में दोनों पक्षों के रुख में नरमी आने से संबंध सामान्य होने की संभावना पैदा हुई थी।
पता चला है कि शुक्रवार को कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमाद अल-थानी ने सऊदी अरब के युवराज मुहम्मद बिन सलमान से बात की थी। यह वार्ता अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कोशिश के बाद हुई। लेकिन इसके बाद दोनों तरफ से जारी बयानों से गलतफहमी पैदा हो गई।
सऊदी अरब के स्टेट मीडिया ने कहा कि कतर गलत तथ्य रख रहा है। इसलिए अब उससे कोई बात नहीं की जाएगी। इससे पहले सऊदी अरब के समर्थक देशों-बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात और मिस्त्र ने बिना शर्त संबंध सामान्य बनाने के प्रति अपनी अनिच्छा जता दी थी।
उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब के नेतृत्व वाले देशों ने कतर के ईरान से संबंधों पर आपत्ति जताई थी। अतिवादी संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड संगठन पर रोक लगाने की मांग की थी। अल-जजीरा न्यूज चैनल बंद करने की शर्त लगाई थी। इसके अतिरिक्त कई अन्य मांगें रखी गई थीं। लेकिन कतर ने किसी भी मांग को मानने से इन्कार कर दिया था। प्रतिबंध के चलते इन देशों ने कतर के साथ सभी तरह के संबंध तोड़ लिये थे। अमेरिका के नजदीकी संबंध सऊदी अरब और कतर, दोनों के साथ हैं। इसलिए वह दोनों के बीच संबंध सामान्य करना चाहता है।
