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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 05, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पाक ने नकारा ब्रिक्स का घोषणापत्र, कहा- आतंकियों का पनाहगाह नहीं देश

By Manish NegiEdited By:
Published: Tue, 05 Sep 2017 09:25 PM (IST)

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री खुर्रम दस्तगीर ने कहा कि उसकी धरती पर जो भी आतंकी संगठन सक्रिय रहे थे उन सभी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है।

पाक ने नकारा ब्रिक्स का घोषणापत्र, कहा- आतंकियों का पनाहगाह नहीं देश
पाक ने नकारा ब्रिक्स का घोषणापत्र, कहा- आतंकियों का पनाहगाह नहीं देश

इस्लामाबाद, प्रेट्र। पाकिस्तान ने ब्रिक्स के घोषणापत्र को सिरे से खारिज कर दिया है। सरकार का कहना है कि उनका देश आतंकी संगठनों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं है। आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है। पाकिस्तान ने उलटे अफगानिस्तान पर आतंकियों को शरण देने का आरोप लगाया है।

उल्लेखनीय है कि ब्रिक्स देशों के सम्मेलन में भारत की पहल पर सभी सदस्यों ने आतंकवाद की भ‌र्त्सना करते हुए कुछ ऐसे संगठनों पर लगाम कसने की बात कही है जिन्हें पाक सरकार समर्थन देती रही है। ब्रिक्स का यह पैंतरा पाक को रास नहीं आ रहा।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री खुर्रम दस्तगीर ने कहा कि उसकी धरती पर जो भी आतंकी संगठन सक्रिय रहे थे उन सभी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है। अब केवल उनके अवशेष बचे हैं। उनको भी नेस्तनाबूद करने के लिए सरकार रणनीति बना रही है। जियो टीवी पर दिए साक्षात्कार में उन्होंने आरोप लगाया कि अफगानिस्तान का 40 फीसद हिस्सा आतंकी संगठनों के लिए सुरक्षित जगह है। अफगानिस्तान में अमेरिका के महानिरीक्षक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 407 जिलों में से केवल 57 फीसद ही सरकार के नियंत्रण में रह गए हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पाक को लेकर दिए गए ताजा वक्तव्य पर उनका कहना था कि विदेश मंत्री क्षेत्रीय साझेदारों से विचार विमर्श के बाद अमेरिका का रुख करेंगे। उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि पाकिस्तान लगातार चेतावनी के बाद भी अपने रवैये में सुधार नहीं कर रहा है। उसके यहां पोषित आतंकी संगठनों ने अमेरिका को भी नुकसान पहुंचाया है। ट्रंप ने यहां तक कहा कि पाक को ऐसा सबक सिखाया जाएगा जो हमेशा याद रहेगा।

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