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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 15, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नेपाल के पीएम बोले, गलतफहमी दूर करने जा रहा हूं भारत

By Sachin BajpaiEdited By:
Published: Mon, 15 Feb 2016 07:51 PM (GMT+05:30)Updated: Mon, 15 Feb 2016 08:01 PM (GMT+05:30)

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कहा है कि उनकी भारत यात्रा का मकसद पड़ोसी के साथ रिश्ते सामान्य करना है।

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काठमांडू । नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कहा है कि उनकी भारत यात्रा का मकसद पड़ोसी के साथ रिश्ते सामान्य करना है। उन्होंने सोमवार को कहा कि मधेशी आंदोलन के कारण पैदा हुई गलतफहमी को दूर करने के लिए वे भारत जा रहे हैं। उन्होंने संबंधों में पुरानी गर्मजोशी बहाल करने की इच्छा भी जताई। आठ दिनों की यात्रा पर ओली 19 फरवरी को भारत आएंगे।

महीनों तक चले संविधान विरोधी आंदोलन समाप्त होने के बाद उन्होंने इस यात्रा का एलान किया था। काठमांडू में एशियन पॉलिटिकल पार्टी के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए ओली ने कहा कि भारत से आपूर्ति अब सामान्य हो गई है। ऐसे में पिछले कुछ महीनों के कड़वे अनुभव को पीछे छोड़कर संबंध सामान्य करने के लिए वे पड़ोसी देश की यात्रा पर जा रहे हैं। उन्होंने आर्थिक सहयोग और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूती देने के लिए जल्द ही चीन जाने की बात भी कही।

ओली ने 2015 को नेपाल के लिए ऐतिहासिक वर्ष बताते हुए कहा कि विनाशकारी भूकंप के बावजूद हम संविधान लागू करने में सफल रहे। यह संविधान मानवाधिकार, स्वतंत्र न्यायपालिका, सामाजिक न्याय और बराबरी के सिद्धांत पर आधारित है। उन्होंने कहा कि संविधान को लेकर मधेशियों की आपत्तियों को दूर करने के लिए सरकार बातचीत को बढ़ावा दे रही है। गौरतलब है कि संविधान में उपेक्षा से नाराज मधेशियों ने भारत से लगी सीमा की नाकेबंदी कर रखी थी। इसके कारण आवश्यक वस्तुओं की भारी किल्लत हो गई थी।