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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 08, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सीरिया में आइएस ने अगवा किए गए 300 मजदूरों में से 175 की हत्या की

By kishor joshiEdited By:
Published: Fri, 08 Apr 2016 12:49 PM (GMT+05:30)Updated: Fri, 08 Apr 2016 06:46 PM (GMT+05:30)

सीरिया की राजधानी दमिश्क के पास आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) ने एक बड़े नरसंहार को अंजाम दिया है। राजधानी ...और पढ़ें

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दमिश्क। सीरिया की राजधानी दमिश्क के पास आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) ने एक बड़े नरसंहार को अंजाम दिया है। राजधानी से करीब 40 किमी दूर दुमेर शहर में आतंकियों ने 175 मजदूरों की निर्मम हत्या कर दी है। शिन्हुआ के अनुसार मारे गए लोग अगवा किए गए तीन सौ से ज्यादा मजदूरों के समूह में शामिल थे। इन मजदूरों को बुधवार को दुमेर की एक सीमेंट फैक्ट्री से अगवा किया गया था।

सरकार समर्थक शाम एफएम रेडियो के अनुसार इस फैक्ट्री का संचालन निजी हाथों में है। गुरुवार को मीडिया रिपोर्टों में बताया गया था कि अगवा मजदूरों में से 140 भागने में कामयाब रहे हैं। हालांकि ये लोग कहां हैं यह साफ नहीं है। इस शहर में स्थित एक सैन्य अड्डे पर सप्ताह की शुरुआत में आतंकियों ने हमला किया था।

सेना द्वारा हमला विफल किए जाने के बाद आतंकियों ने फैक्ट्री पर कब्जा कर लिया था। फिलहाल दुमेर के कुछ हिस्सों पर आतंकियों का तो कुछ पर सेना का नियंत्रण है। सरकारी न्यूज एजेंसी सना ने अपहरण की पुष्टि करते हुए बताया है कि इनकी रिहाई के लिए अधिकारी कोशिश कर रहे हैं। हत्या की खबरों की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई है।

अल राय पर सेना का कब्जा
सीरियाई सेना ने अलेप्पो प्रांत के उत्तर में आइएस का गढ़ माने जाने वाले अल राय शहर पर गुरुवार को कब्जा कर लिया। सीरियन ऑब्जरवेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के अनुसार सेना ने समर्थक मिलीशिया की मदद से तुर्की सीमा के निकट स्थित इस शहर के अधिकतर इलाके पर कब्जा कर लिया है। रणनीतिक रूप से अहम इस शहर पर नियंत्रण से अलेप्पो में आतंकियों के खिलाफ सेना के अभियान को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

13 से शांति वार्ता
संयुक्त राष्ट्र ने सीरिया शांति वार्ता 13 अप्रैल से बहाल होने की उम्मीद जताई है। पहले इसकी शुरुआत नौ अप्रैल से जेनेवा में होनी थी। पर राजनीतिक समाधान को लेकर सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद और विद्रोहियों के बीच मतभेद सुलझता नहीं देख इसे टाल दिया गया है।
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