यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ब्रिक्स की रेटिंग एजेंसी का जल्द गठन चाहता है भारत
ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने चीन पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'ब्रिक्स क्रेडिट रेटिंग एजेंसी' बनाने की वकालत की है।

शियामिन, प्रेट्र। क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के मामले में भारत पश्चिमी देशों का एकाधिकार खत्म करना चाहता है। ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने चीन पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'ब्रिक्स क्रेडिट रेटिंग एजेंसी' बनाने की वकालत की है। मोदी ने कहा कि एक अलग रेटिंग एजेंसी ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) देशों की अर्थव्यवस्थाओं के साथ-साथ अन्य विकासशील देशों की भी मदद करेगी।
पश्चिमी देशों की तीन रेटिंग एजेंसियों फिच, मूडीज और स्टैंडर्ड एंड पुअर्स का बाजार में 90 फीसद हिस्से पर कब्जा है। पिछले साल गोवा में हुए ब्रिक्स सम्मेलन में भारत ने ब्रिक्स रेटिंग एजेंसी बनाने की जरूरत पर बल दिया था। अपने संबोधन में मोदी ने कहा, 'पिछले साल हमने ब्रिक्स रेटिंग एजेंसी बनाने को लेकर प्रयासों पर चर्चा की थी। तब से एक विशेषज्ञ समूह ऐसी एजेंसी की व्यवहार्यता पर अध्ययन कर रहा है। मैं चाहता हूं कि इसका रोडमैप बनाने का काम जल्द से जल्द हो।'
मोदी ने वित्तीय क्षेत्र में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि गरीबी और भ्रष्टाचार से लड़ने की दिशा में तकनीक और डिजिटाइजेशन अहम हथियार हैं। भारत सरकार काला धन और भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए कदम भी उठा रही है। मोदी ने कहा कि इनोवेशन और डिजिटल अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में ब्रिक्स देशों की मजबूत भागीदारी विकास को गति देने, पारदर्शिता बढ़ाने और सतत विकास के लक्ष्य को हासिल करने में सहायक होगी।
ब्रिक्स देशों ने खुली और समावेशी अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए भी प्रतिबद्धता जताई है। घोषणापत्र में सभी सदस्य देशों ने एक सुर में संरक्षणवाद का विरोध किया। बैठक में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ) में लंबित कोटा सुधारों को 2019 तक अमली जामा पहनाने की मांग भी उठी। इन सुधारों से इस बहुपक्षीय संस्थान में भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं का वोटिंग अधिकार बढ़ जाएगा।
चीन भी पश्चिमी एजेंसियों का विरोधी
पिछले दिनों जब अमेरिकी रेटिंग एजेंसी मूडीज ने चीन की रेटिंग घटाई तो चीन भी इन एजेंसियों के विरोध में आ गया। चीन ने एक बयान जारी करके कहा था कि बेढंगे तरीके अपनाकर चीन की रेटिंग में बदलाव किया गया है। रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका भी इसके खिलाफ आवाज उठा चुके हैं।
क्या होती है रेटिंग एजेंसी
क्रेडिट रेटिंग एजेंसी को रेटिंग सर्विस के नाम से भी जाना जाता है। ये एजेंसियां क्रेडिट रेटिंग तय करती हैं। इस रेटिंग के मुताबिक उधार लेने वाले की कर्ज चुकाने की क्षमता, समय पर भुगतान की संभावना और डिफॉल्ट की आशंका तय होती है। रेटिंग कम होने पर कर्ज मिलना मुश्किल हो जाता है और यदि कर्ज मिलता भी है, तो तुलनात्मक रूप से ब्याज दर ज्यादा होती है।
जानकारी साझा कर टैक्स चोरी से लड़ेंगे ब्रिक्स देश
शियामिन : ब्रिक्स देशों ने एक-दूसरे से जानकारियां साझा कर टैक्स चोरी से निपटने की तैयारी की है। ब्रिक्स सम्मेलन में सदस्य देशों ने पारदर्शी और आधुनिक कर व्यवस्था को लेकर प्रतिबद्धता जताई। ब्रिक्स घोषणापत्र में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय कर नियमों की स्थापना में ब्रिक्स का योगदान बढ़ाने पर काम होगा। सदस्य देशों ने न्यू डवलपमेंट बैंक और कॉन्टिंजेंट रिजर्व अरेंजमेंट जैसे मसलों पर सहयोग के नतीजों पर संतोष व्यक्त किया।
