यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 12, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नरसंहार पीडि़त संबंधी संरा प्रस्ताव का भारत ने किया समर्थन
नरसंहार के शिकार लोगों की याद में अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाने के संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का भारत ने समर्थन किया। ...और पढ़ें

संयुक्त राष्ट्र। नरसंहार के शिकार लोगों की याद में अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाने के संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का भारत ने समर्थन किया। साथ ही संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार संस्था को ऐसी हत्याओं की संभावनाओं को लेकर चेतावनी देने के लिए अधिक प्रभावकारी बनाने को कहा।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में शुक्रवार को नरसंहार के शिकार लोगों की याद में दिवस मनाने और इस अपराध को रोकने के लिए प्रस्ताव पेश किया गया। प्रस्ताव को बगैर मतदान के स्वीकार कर लिया गया और नौ दिसंबर को नरसंहार में मारे गए लोगों की याद में अंतरराष्ट्रीय दिवस की घोषणा की गई।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि अशोक मुखर्जी ने कहा कि भारत ने इसके लिए पूरा समर्थन दिया और वह इस प्रस्ताव का सहप्रायोजक था। भारत ने नरसंहार को रोकने और इसके लिए सजा देने का जोरदार समर्थन किया।
मुखर्जी ने कहा कि हमने इस अवसर पर मानवाधिकार परिषद को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुरूप अधिक प्रभावकारी बनाने को कहा। ताकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय समय पर कार्रवाई कर इस अपराध को रोक सके। उन्होंने कहा कि 70 साल पहले संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के समय से ही नरसंहार फिर कभी न हो का पैमाना तय था। लेकिन नरसंहार को खासकर एशिया और अफ्रीका में रोका नहीं जा सका।
