यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बांग्लादेश में एक और हिंदू की गला रेतकर हत्या
बांग्लादेश में बुधवार को एक और हिंदू देबेश चंद्र की गला रेतकर हत्या करने का मामला सामने आया है।

ढाका, प्रेट्र। बांग्लादेश में बुधवार को एक और हिंदू की गला रेतकर हत्या कर दी गई। धर्मनिरपेक्ष कार्यकर्ताओं, अल्पसंख्यकों की हत्या का यह सबसे ताजा मामला है। अप्रैल के आखिर में भी एक हिंदू दर्जी की इसी तरह निर्मम हत्या कर दी गई थी। हमले की जिम्मेदारी आइएस ने ली थी।
देबेश चंद्र प्रमाणिक पश्चिमोत्तर गोबिंदगंज उपजिला के गैबांधा में जूते की दुकान चलाते थे। उनकी दुकान में ही हत्या कर दी गई। स्थानीय पुलिस स्टेशन प्रभारी मोजाम्मल हक ने कहा कि हमलावरों ने धारदार हथियार से गला काट दिया था जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने इस मामले में नेपेन चंद्र नाम के एक व्यक्ति का गिरफ्तार किया है। पीड़ित परिवार का दावा है कि कुछ दिनों पहले नशेडि़यों ने जबरन वसूली का प्रयास किया था लेकिन देबेश ने पैसे देने से इन्कार कर दिया था। उनके बेटे देबाशीष चंद्र ने संदेह जताया है कि उनके पिता की हत्या में नशेडि़यों का हाथ हो सकता है। हालांकि पुलिस का कहना है कि हत्या की वजह अभी साफ नहीं हुई है।
गौरतलब है कि बांग्लादेश में हाल के समय में कई उदार, धर्मनिरपेक्ष व अल्पसंख्यकों की हत्याएं हुई हैं। इनमें से ज्यादातर की जिम्मेदारी आइएस ने ली थी।
आइएस का दावा झूठा
ढाका, रायटर । बांग्लादेश में धर्मनिरपेक्ष ब्लॉगरों और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की हत्या करने के आइएस के दावों को सरकार ने झूठा करार दिया। विदेश राज्यमंत्री शहरयार ने कहा कि आइएस इस तरह के झूठे दावे करके धार्मिक कट्टरता बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि आइएस इराक और सीरिया में अपनी जमीन खोता जा रहा है। इसलिए वह लीबिया, बांग्लादेश, मिस्र में अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रहा है।
