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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मोदी के बयान पर चीन ने कहा, विस्तारवादी नहीं हैं हम

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Published: Mon, 24 Feb 2014 08:21 PM (IST)Updated: Mon, 24 Feb 2014 08:24 PM (IST)

भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के बढ़ते कद का अमेरिका, ब्रिटेन के बाद अब चीन ने भी ...और पढ़ें

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बीजिंग। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के बढ़ते कद का अमेरिका, ब्रिटेन के बाद अब चीन ने भी संज्ञान लिया है। शनिवार को अरुणाचल प्रदेश में नमो के दिए गए भाषण पर बीजिंग ने गहरी प्रतिक्रिया दी है। उसने मोदी के इन आरोपों को खारिज किया है कि चीन की मानसिकता विस्तारवादी है।

चीन की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनइंग ने नमो के आरोपों को सच्चाई से परे बताया है। प्रवक्ता का कहना है, आपने (मोदी) चीनी पक्ष को विस्तारवादी कहा है, जबकि सच्चाई यह है कि दूसरे देश की एक भी इंच जमीन पर कब्जा करने के लिए चीन ने कभी युद्ध नहीं लड़ा है। हम विस्तारवादी नहीं हैं। हुआ के अनुसार, हम अच्छे पड़ोसी बने रहने के प्रति प्रतिबद्ध हैं और सहयोगपूर्ण संबंध स्थापित करना चाहते हैं।

बकौल प्रवक्ता, वर्षो से सीमा पर सशस्त्र संघर्ष नहीं हुए हैं। यह इस बात का सुबूत है कि शांति कायम रखने में हम समर्थ हैं। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिए आगे सुखद भविष्य है। उन्होंने कहा कि हम भारत से दोस्ताना संबंध और पुख्ता करना चाहते हैं तथा बातचीत के जरिये सभी द्विपक्षीय मसलों को हल करने के इच्छुक हैं।

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अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में सभा को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा था कि चीन अपना विस्तारवादी रवैया छोड़े। अरुणाचल भारत का अभिन्न अंग है और कोई भी ताकत इसे हमसे जुदा नहीं कर सकती। ध्यान रहे कि चीन समय-समय पर अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा करता रहा है। वह इसे दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा मानता है।