यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 09, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चीन ने फिर थपथपाई पाकिस्तान की पीठ, बढ़ाएगा सहयोग
पाकिस्तान ने सीपीईसी से जुड़ी परियोजनाओं पर काम कर रहे चीनी नागरिकों की सुरक्षा के लिए सेना व अर्धसैनिक बलों के 15 हजार जवान तैनात किए हैं।

बीजिंग, प्रेट्र। चीन और पाकिस्तान 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर (3.18 लाख करोड़) वाले आर्थिक गलियारे को लेकर सुरक्षा और आतंकरोधी सहयोग बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं। इस गलियारे से दोनों ही देशों के अशांत क्षेत्र रेल और सड़क परियोजनाओं के नेटवर्क से जुड़ते हैं।
चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) चीन के उत्तर पश्चिम में शिनजियांग प्रांत और पाकिस्तान के दक्षिण पश्चिम में ग्वादर बंदरगाह को जोड़ता है। इस क्षेत्र को आतंकियों से चुनौती मिलती रही है। मालूम हो कि यह इलाका पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरता है। इसलिए भारत की इस परियोजना पर हमेशा से आपत्ति रही है।
सीपीईसी की सुरक्षा को लेकर सहमति चीनी कम्युनिस्ट पार्टी सेंट्रल कमेटी के कमीशन फॉर पॉलिटिकल एंड लीगल अफेयर्स के प्रमुख मेंग जियांझु, पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख्वाजा असिफ और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नासीर खान की मुलाकात के बाद बनी। पाकिस्तान ने सीपीईसी से जुड़ी परियोजनाओं पर काम कर रहे चीनी नागरिकों की सुरक्षा के लिए सेना व अर्धसैनिक बलों के 15 हजार जवान तैनात किए हैं। बीते वर्ष चीन से करीब 71 हजार लोग पाकिस्तान गए थे।
मेंग ने पाकिस्तान को अच्छा मित्र बताया और आतंकवाद से लड़ने के लिए पाकिस्तान के प्रयासों की तारीफ की। पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा कि चीन के साथ अच्छे संबंध पाकिस्तानी विदेश नीति की नींव है। वहीं चीन के स्टेट काउंसलर यांग जीची ने भी पाकिस्तान की पीठ ठोंकी और कहा कि दोनों देशों के बीच की सदाबहार रणनीतिक साझेदारी बढ़ती रहेगी।
