यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एनएसजी में भारत को शामिल नहीं होने देने में जुटा चीन
भारत को परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में शामिल होने से रोकने के लिए चीन ने अपनी कोशिश तेज कर दी है।

बीजिंग, प्रेट्र। चीन ने भारत को परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में शामिल होने से रोकने का प्रयास तेज कर दिया है। बीजिंग ने शुक्रवार को दावा किया कि 48 देशों के ब्लॉक के कुछ सदस्यों ने उसके विचार से सहमति जताई है। चीन का विचार है कि एनएसजी के विस्तार के लिए एनपीटी पर हस्ताक्षर एक महत्वपूर्ण मानक है।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग ने कहा कि एनएसजी के कुछ और सदस्य देशों की भी राय चीन से मेल खाती है। इन देशों की भी राय यही है कि परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) ही नियमों के संरक्षण की आधारशिला है।
प्रवक्ता से पूछा गया कि कहीं भारत के ब्लॉक में शामिल होने के प्रयास से पाकिस्तान को एनएसजी में प्रवेश के लिए उकसाया जाना तो संबद्ध नहीं है? इसके जवाब में लू ने कहा कि एनटीपी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा एनएसजी है। लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय समुदाय की इसपर सहमति है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत एनएसजी का हिस्सा तो नहीं है लेकिन भारतीय पक्ष भी इस सहमति को मानता है।
उन्होंने कहा, 'एनएसजी सहित सभी आपसी अप्रसार निर्यात नियंत्रण व्यवस्था को एनएसजी के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण मानक मानते हैं।' पाकिस्तान का नाम लिए बगैर लू ने कहा कि भारत के अलावा और भी कई देश शामिल होने की इच्छा जता चुके हैं।
