यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 05, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जेटली ने जापान के रक्षा मंत्री से की बातचीत
जेटली और ओनोडेरा ने भारत और जापान के उद्योगपतियों की बिजनेस-टू-बिजनेस बैठक भी शुरू कराई है।

टोक्यो, प्रेट्र। भारत और जापान अपने सैन्य संबंधों को और गहरा करना चाहते हैं। दोनों देशों ने मंगलवार को रक्षा एवं सुरक्षा संबंधों पर द्विपक्षीय बातचीत की। उत्तर कोरिया द्वारा शक्तिशाली परमाणु परीक्षण किए जाने से क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। इसी तनाव के बीच यह वार्ता हुई है।
अधिकारी ने बताया कि वित्त मंत्री अरुण जेटली और जापान के रक्षा मंत्री इत्सुनोरी ओनोडेरा ने टोक्यो में द्विपक्षीय और रक्षा एवं सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रीय मुद्दों पर वार्ता की। जेटली ने जापान के प्रधानमंत्री शिंजो एबी से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई।
रविवार को मंत्रिमंडल में फेरबदल से पहले रक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त भार जेटली पर ही था। निर्मला सीतारमण रक्षा मंत्री बनाई गई हैं। सीतारमण बुधवार को अपना प्रभार ग्रहण करेंगी इसलिए जेटली को इस बैठक में रक्षा मंत्री की जवाबदेही का निर्वाह करना पड़ा है। भारत के राजदूत सुजान चिनोय ने बताया कि मुलाकात के दौरान जेटली ने एबी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामना दी।
उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण और दक्षिणी चीन सागर में चीन की बढ़ती दखल से क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। ऐसे तनाव भरे माहौल में भारत-जपान के बीच सालाना मंत्रिस्तरीय बातचीत हुई है। रक्षा मंत्रियों की सालाना बातचीत शुरू होने से पहले जेटली को गार्ड ऑफ आनर दिया गया।
जेटली और ओनोडेरा ने भारत और जापान के उद्योगपतियों की बिजनेस-टू-बिजनेस बैठक भी शुरू कराई है। यह बैठक रक्षा उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए आयोजित की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले वर्ष नवंबर महीने में जापान गए थे। इस यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने रक्षा एवं सुरक्षा बढ़ाने का फैसला लिया था।
