यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 01, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पराबैंगनी किरणों से चल सकता है एलियनों का पता
संभव है, सूर्य से आकार में छोटे रेड ड्वार्फ तारे उचित मात्रा में पराबैंगनी किरणों का उत्सर्जन नहीं कर पाते हों जिससे जैविक जीवन के विकास में सहयोग मिल सके।

बोस्टन, प्रेट्र : हार्वर्ड विवि के भारतीय मूल के वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन में पता लगाया कि पराबैंगनी किरणों (अल्ट्रावॉयलेट रे) ने पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति में महत्वपूर्ण निभाई थी। इसकी मदद से ही एलियनों के जीवन का भी पता लगाया जा सकता है।
शोध में पता चला है कि यूवी रे रिबोन्यक्लिक नामक एसिड का निर्माण करता है। यह एसिड किसी भी तरह के जीवन की उत्पत्ति के लिए आवश्यक होता है। संभव है, सूर्य से आकार में छोटे रेड ड्वार्फ तारे उचित मात्रा में पराबैंगनी किरणों का उत्सर्जन नहीं कर पाते हों जिससे जैविक जीवन के विकास में सहयोग मिल सके।
हाल ही में रेड ड्वार्फ के निकट रहने योग्य कई ग्रह खोजे गए जहां जल मौजूद हो सकता है। कंप्यूटर मॉडलों और रेड ड्वार्फ के गुणों का अध्ययन कर पता लगाया गया कि इन ग्रहों पर जीवन की उत्पत्ति के लिए जरूरी पराबैंगनी किरणें 100 से 1000 गुना कम उत्सर्जित होती हैं। इस शोध को द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल में प्रकाशित किया गया है।
शोध के सह लेखक वर्डस्वर्थ ने कहा कि, जीवन के विकास के लिए और अधिक मात्रा में यूवी प्रकाश की आवश्यकता होगी लेकिन यह मात्रा इतनी अधिक नहीं होनी चाहिए जो ग्रह के वायुमंडल को ही नष्ट कर दे।
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