यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 04, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मोदी का चक्रव्यूह भेदेंगे राहुल
नई दिल्ली, राजकिशोर। नरेंद्र मोदी के साइबर चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए कांग्रेस ने भी साइबर योद्धाओं की फौज जुटानी ...और पढ़ें

नई दिल्ली, राजकिशोर। नरेंद्र मोदी के साइबर चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए कांग्रेस ने भी साइबर योद्धाओं की फौज जुटानी शुरू कर दी है। तैयारियां बताती हैं कि लोकसभा चुनाव से पहले ही कुछ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा और कांग्रेस के बीच साइबर वार का सेमीफाइनल हो जाएगा।
मोदी या भाजपा ने अगर साइबर दुनिया के बड़े दिग्गजों को अपने अभियान से जोड़ा है, तो कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी पेशेवर आइटी धुरंधरों की सेवाएं लेने के साथ ही अपनी सभी प्रदेश और जिला इकाइयों में अपने साइबर योद्धा तैयार करने शुरू कर दिए हैं।
दोनों ही प्रमुख दलों की तैयारियों से साफ है कि अगले विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले देश की जनता को साइबर यानी सोशल मीडिया का संसार भी पार करना होगा। मतदान से पहले उसे सोशल साइट्स पर आरोप-प्रत्यारोप और तीखे विचारों के बड़े भंवर पार करने होंगे। ट्विटर, फेसबुक, यू-ट्यूब, गूगल प्लस जैसी सोशल साइट्स पर कांग्रेस और भाजपा के बीच अभूतपूर्व युद्ध देखने को मिल सकता है, जो सड़कों तक सियासत गरमाएगा।
दरअसल, कांग्रेस नेतृत्व मान रहा है कि सोशल साइट्स और मीडिया में आक्रामक तरीके से मोदी और विपक्ष ने उसके खिलाफ जो आक्रामक अभियान चलाया, उससे संप्रग सरकार और पार्टी की छवि बिगड़ी। इससे निपटने के लिए युवा प्रवक्ताओं और मीडिया पैनल की टीम तो कांग्रेस ने बनाई ही है, लेकिन पार्टी मान रही है कि मोदी के साइबर युद्ध का मुकाबला करने के लिए उसे और तैयारी करनी होगी।
इसी कड़ी में राहुल गांधी ने 29 जून को सभी महासचिवों एवं सचिवों के साथ बैठक की थी। इसमें मीडिया विभाग के अध्यक्ष एवं महासचिव अजय माकन ने 15 जुलाई को राज्य स्तर के सभी पार्टी प्रवक्ताओं के लिए दिल्ली में कार्यशाला का प्रस्ताव रखा था। माकन ने अन्य सभी 11 महासचिवों व प्रभारियों को 10 जुलाई तक अपने-अपने प्रदेश से पांच नाम भेजने को कहा है जो युवा , जुझारु और संगठन का अनुभव रखने वाले हों। इनमें कुछ लोग मीडिया में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी बात रखने के लिए तैयार किए जाएंगे।
सड़कों पर सभाओं, मंचों और मीडिया के साथ-साथ सोशल साइट्स पर कांग्रेस दिल्ली और मुंबई में पहले ही वार रूम बना चुकी है। अब पार्टी ने हर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पांच-पांच साइबर योद्धा तैनात करने का फैसला किया है। महासचिवों से इनके नाम मांगे गए हैं और पार्टी के प्रति निष्ठा और सोशल साइट्स पर जवाब देने या कोई भी अभियान चलाने की उनकी क्षमता को आंकने का जिम्मा प्रदेश अध्यक्षों को दिया गया है।
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