यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 28, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हीरो की तरह भारत से विदा हुए वीटल
लगातार तीसरी बार इंडियन ग्रांप्रि अपने नाम करने वाले रेड बुल के जर्मन ड्राइवर सबेस्टियन वीटल भारत से हीरो की ...और पढ़ें

जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। लगातार तीसरी बार इंडियन ग्रांप्रि अपने नाम करने वाले रेड बुल के जर्मन ड्राइवर सबेस्टियन वीटल भारत से हीरो की तरह विदा हुए। वीटल चार बार विश्व चैंपियनशिप खिताब जीतने वाले सबसे युवा ड्राइवर हैं। रविवार को रेस जीतने के बाद 26 वर्षीय वीटल के शब्दों में जहां उनकी उम्र से ज्यादा की परिपक्वता दिखाई दी, वहीं उनके हाव-भाव और इशारों में बच्चों जैसा उत्साह दिखा।
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रेस जीतने के बाद अपनी कार पार्क करने की बजाय उन्होंने भारतीय प्रशंसकों को खुश करने के लिए कार को गोल-गोल घुमाया और अपनी कार से उतरकर उन्होंने अपने दस्तानों को प्रशंसकों के बीच फेंका। ऐसा नजारा किसी ग्रांप्रि में पहली बार दिखाई दिया। हालांकि वीटल के जश्न मनाने के तरीके पर टीम रेड बुल पर 25 हजार यूरो का जुर्माना लगाया गया। इस बारे में पूछे जाने पर वीटल ने कहा, 'मेरे इंजीनियर रॉकी ने मुझसे कार पार्क करने को कहा, लेकिन मैंने कहा कि यह ऐसा करने का समय नहीं है। वहां ग्रैंडस्टैंड पर कई लोग मौजूद थे। आमतौर पर हमें ऐसा करने की इजाजत नहीं होती है, लेकिन मैं अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रखा सका। यह शर्मनाक है कि अगले साल यहां रेस आयोजित नहीं होगी।' इस सत्र की 16 रेस हो चुकी हैं और अब यह कारवां 17वीं रेस के लिए अबूधाबी जाएगा।
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