यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गरीबों की दुकान, यहां मुफ्त मिलते हैं मनचाहे कपड़े
हैदराबाद के मेहदीपट्टनम इलाके में इस दुकान की शुरुआत 2 अक्टूबर, 2015 को हुई। इसका उद्देश्य उन गरीबों तक बुनियादी चीजों को पहुंचाना है, जो इनसे दूर हैं।

नये कपड़े पहनने की खुशी तो सभी को होती है। लेकिन कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जो आर्थिक तंगी के कारण कपड़े खरीदने में असमर्थ होते हैं। कुछे ऐसे ही लोगों की मदद के लिए खोले गये हैं 'गुडविल स्टोर'।
हैदराबाद के मेहदीपट्टनम इलाके में इस दुकान की शुरुआत 2 अक्टूबर, 2015 को हुई। इसका उद्देश्य उन गरीबों तक बुनियादी चीजों को पहुंचाना है, जो इनसे दूर हैं। जैसे कपड़ा एक बुनियादी जरूरत है। इस दुकान में शहर के अलग-अलग इलाकों के लोगों द्वारा दान किए गए कपड़ों को एकत्र किया जाता है। बाद में गरीब और जरूरतमंद लोग यहां आकर अपनी पसंद के कपड़े ले सकते हैं और वो भी बिल्कुल मुफ्त।
गुडविल स्टोर एलएसएन फाउंडेशन का ही एक पार्ट है। इस नॉन प्रॉफिट फाउंडेशन की स्थापना हैदराबाद में 2007 में हुई थी।
एलएसएन फाउंडेशन की फाउंडर 38 वर्षीय मंजुला पल्लीपोएना के मुताबिक जब वह मेहदीपट्टनम इलाके के बोजागुट्टा स्लम में गईं तो उन्होंने देखा कि स्लम्स में रहने वाले गरीब लोग कई बुनियादी चीजों को खरीदने में असमर्थ थे। ऐसे में उन्हें शहर के उन इलाकों से कपड़े और दूसरे सामान एकत्र करने का आइडिया आया, जहां लोग अपनी इच्छा से ये सामान दान करते थे। इस तरह 'गुडविल स्टोर' के आइडिया से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मुफ्त में कपड़े और जरूरत का सामान मिल जाता है।
गुडविल स्टोर कोई चैरिटी नही है बल्कि इसका उद्देश्य सिविल सोसायटी की जरूरतों को पूरा करना है।
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