विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 27, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'ड्रिंक एंड ड्राइव' केस में ड्राइवर-यात्री दोनों को होती है समान सजा, बताती है ये धारा

By Abhishek Pratap SinghEdited By:
Published: Tue, 27 Sep 2016 12:14 PM (IST)Updated: Tue, 27 Sep 2016 03:58 PM (IST)

अगर आप कहीं जा रहे हैं और वाहन चलाने वाले ने शराब पी रखी है और किसी दुर्घटना के शिकार ...और पढ़ें

News Article Hero Image

चेन्नई। अगर किसी शख्स को ड्रिंक एंड ड्राइव केस में पकड़ा जाता है तो उस वाहन में बैठेे सहयात्री को भी उतनी ही सजा होगी जितनी की वाहन के ड्राइवर को। ये हम नहीं कह रहे हैं ये आइपीसी की धारा 109 कहती है। ये धारा बताती है कि इसमें आप सीधे अपराध नहीं करते हैं, बल्कि उसको अपराध करने के लिए उकसाते हैं।

तो वहीं रोड एक्सीडेंट मामलों के देखने वाले वकील इससे इत्तेफाक नहीं रखते हैं। वकीलों का कहना है कि ये सही नहीं है क्योंकि ऐसे मामलों पर सहयात्री का कोई लेना-देना नहीं होता है।

पढ़ें- क्या आपको पता है कि हाई हील्स महिलाओं के लिए नहीं बल्कि पुरुषों के लिए बनी थी

ये बात तब सामने आई जब चेन्नई ट्रैफिक पुलिस ने दो लोगों को ड्रिंक एंड ड्राइव केस में पकड़ा। दरअसल नेशनल रेसिंग चैंपियन विकास आनंद और उनके दोस्त चरन कुमार गाड़ी से कहीं जा रहे थे इतने में उनकी गाड़ी किसी से टकरा गई और चेन्नई ट्रैफिक पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। हालांकि गाड़ी विकास आनंद चला रहे थे लेकिन केस उनके दोस्त पर भी हुआ। इन दोनों पर ही गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज हुआ।

पढ़ें- फिल्म डायरेक्टर ने शूटिंग के दौरान खोजा तैरता हुआ आईलैंड, जो किसी अजूबे से कम नहीं

इस मामले की जब कोर्ट में सुनवाई हुई तो कोर्ट ने कहा कि गाड़ी तो विकास चला रहे थे लेकिन उनके दोस्त चरन को तो पता था कि उनके दोस्त ने शराब पी रखी है और आगे कोई दुर्घटना भी हो सकती है।

ऐसे मामलों पर वकीलों का कहना है कि हो सकता है कोई यात्री टैक्सी बुक करा के कहीं जा रहा हो और उसे पता ही ना हो कि उसके ड्राइवर ने शराब पी रखी है। ऐसे में अगर कोई दुर्घटना हो जाती है तो यात्री को सजा देना गलत होगा।

पढ़ें- पीएम मोदी की तरह ये जानवर भी Z+ सिक्योरिटी में रहता है, जानिए क्यों?