यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रासायनिक हथियारों से हमले कर रहा पाकिस्तान, पर्रिकर बोले- तैयार हैं हम
रक्षा मंत्री ने इस सिलसिले में अफगानिस्तान में हाल के आतंकी हमलों में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल से संबंधित खबरों का हवाला दिया।

नई दिल्ली, आइएएनएस/प्रेट्र। पड़ोसी देश की हरकतों पर पैनी नजर रख रहे भारत को आशंका है कि पाकिस्तान संभवत: अफगानिस्तान में रासायनिक और जैविक हथियारों से हमले कर रहा है। भारत को जख्म देने के इस्लामाबाद के नापाक मंसूबों को देखते हुए सरकार ने सेना से हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा है।
रक्षा मंत्री ने इस सिलसिले में अफगानिस्तान में हाल के आतंकी हमलों में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल से संबंधित खबरों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि हमें भी किसी भी किस्म के हथियार का सामना करने के लिए खुद को तैयार रखना होगा।
पर्रीकर ने गुरुवार को डीआरडीओ के एक कार्यक्रम में कहा, 'उत्तरी और दक्षिणी अफगानिस्तान से इस तरह की रिपोर्टे आ रही हैं। मैंने मीडिया में आई तस्वीरों में देखा कि स्थानीय लोग शरीर पर चकत्ते से पीडि़त हैं। इन तस्वीरों को देखकर लगता था कि संभवत: उन पर रासायनिक हथियारों से हमला हुआ है।' रक्षा मंत्री ने सीधे-सीधे पाकिस्तान का नाम तो नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा स्पष्ट रूप से उसी की ओर था। उल्लेखनीय है कि अपनी सीमा से लगते अफगान इलाकों में पाकिस्तान हिंसा फैलाता रहा है। इसके चलते इस्लामाबाद और काबुल के रिश्तों में अक्सर तनातनी रहती है।
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रक्षा मंत्री के मुताबिक, पक्के तौर पर तो नहीं कहा जा सकता कि रासायनिक और जैविक हथियारों का इस्तेमाल किया गया अथवा नहीं। लेकिन, तस्वीरें विचलित करने वाली थीं। रक्षा मंत्री से पूछा गया कि क्या उनको लगता है कि भारत पर भी रासायनिक या जैविक हथियारों से हमले का खतरा है? इस पर पर्रीकर ने कहा, 'मेरा सिर्फ इतना कहना है कि हमें हर स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।'
सेनाध्यक्ष ने भी किया आगाह
सेनाध्यक्ष जनरल विपिन रावत ने कहा कि हालांकि संयुक्त राष्ट्र रासायनिक हथियारों पर प्रतिबंध लगा चुका है। लेकिन, दुश्मन इसका इस्तेमाल कर सकता है। इस कार्यक्रम में डीआरडीओ ने सेना को परमाणु, जैविक, रासायनिक टोही वाहन और दवाएं दीं। गौरतलब है कि पाकिस्तान से भारत को हमेशा खतरा बना रहता है। अब तक वह तीन बार भारत पर हमला कर चुका है। हर बार मुंह की खाने के बावजूद वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है।
सेना को सौंपे डीआरडीओ निर्मित तीन उत्पाद
- 'स्वाति' रडार, जो दुश्मन के हथियारों की मौजूदगी तलाश कर उन्हें तबाह करने के लिए गाइड करेगा।
- एनबीसी रेकी व्हीकल, जो परमाणु, जैविक और रासायनिक हथियारों का पता लगाने वाला वाहन है।
- एनबीसी मेडिकल किट, जिनमें परमाणु, जैविक और रासायनिक हथियारों के प्रभावों से बचाने वाली दवाएं हैं।
क्या है 'स्वाति' की खासियत
-'स्वाति' रडार फायरिंग करने वाले हथियार की लोकेशन 10-15 सेकंड में बिलकुल सटीक खोज लेता है।
-यह 16 हजार फीट तक की ऊंचाई वाले इलाकों में भी कारगर है।
-तापमान चाहे माइनस 30 हो या 55 डिग्री सेल्सियस, यह 50 किलोमीटर की रेंज तक नजर रख सकता है।
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