यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 23, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
विहिप ने आरक्षण पर भागवत के बयान का किया समर्थन
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के आरक्षण पर दिए गए बयान का समर्थन किया है।

नई दिल्ली । विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के आरक्षण पर दिए गए बयान का समर्थन किया है। विहिप ने केंद्र से कहा कि वह एक न्यायिक आयोग गठित कर यह पता लगाए कि अब लाभार्थी जातियों को आरक्षण की जरूरत है या नहीं।
विहिप के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा कि भागवत ने जो सुझाव दिया है वो नया नहीं है क्योंकि संविधान निर्माताओं ने भी दस साल के बाद आरक्षण की समीक्षा किए जाने की परिकल्पना की थी। विहिप ने ऐसे समय समीक्षा पर जोर दिया जब भाजपा ने खुद को भागवत के बयान से पूरी तरह से अलग कर लिया और कहा कि वह इस तरह की समीक्षा के खिलाफ है। जैन के अनुसार, 'यह पता लगाने का सही वक्त है कि जिन जातियों को आरक्षण मुहैया कराया गया क्या वे इससे लाभान्वित हुए हैं।
आरक्षण पर भागवत के बयान से भाजपा का किनारा
यह भी जानने की जरूरत है कि क्या आरक्षण का लाभ पा रही जातियों को भविष्य में इसकी आवश्यकता है। विहिप आरक्षण की समीक्षा के लिए एक न्यायिक आयोग गठित करने की मांग उठाती रही है। क्योंकि हमारा मानना है कि यह राजनीतिक की अपेक्षा राष्ट्रीय मुद्दा है।' हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विहिप ने आरक्षण खत्म करने की मांग कभी नहीं की।
