यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 06, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सीबीआइ असंवैधानिक है या नहीं, देखेगा सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली। सीबीआइ को असंवैधानिक बताने वाले गुवाहाटी हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट राजी ...और पढ़ें

नई दिल्ली। सीबीआइ को असंवैधानिक बताने वाले गुवाहाटी हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट राजी हो गया है। इस फैसले को जांच एजेंसी ने चुनौती दी है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट हाई कोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक लगा चुका है।
मुख्य न्यायाधीश पी सतशिवम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सीबीआइ की अर्जी पर उस याचिकाकर्ता को नोटिस भेजा है, जिसकी याचिका पर हाई कोर्ट ने फैसला दिया था। याचिकाकर्ता नवेंद्र कुमार को चार हफ्ते में जवाब देने के लिए कहा गया है। सीबीआइ की याचिका को कार्मिक व प्रशिक्षण विभाग [डीओपीटी] की अर्जी के साथ नत्थी कर दिया गया है। डीओपीटी ने भी हाई कोर्ट के 6 नवंबर के आदेश को चुनौती देते हुए इस पर त्वरित सुनवाई की मांग की थी।
9 नवंबर को मुख्य न्यायाधीश ने अवकाश के कारण इस अर्जी पर अपने आवास पर सुनवाई की थी। सरकार की ओर से पेश अटार्नी जनरल जीई वाहनवती ने आदेश पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि फैसले का सीबीआइ के कामकाज पर गंभीर असर पड़ रहा है। सीबीआइ के प्रशासनिक आका कार्मिक विभाग की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि सीबीआइ का गठन दिल्ली स्पेशल एस्टैब्लिशमेंट [डीएसपीई] एक्ट 1946 के तहत हुआ है और इसकी धारा 2 के तहत सीबीआइ के गठन का प्रस्ताव जारी किया गया था। इसमें सरकार को विशेष पुलिस बल गठित करने का अधिकार है। सरकार की दलील है कि आदेश या प्रस्ताव जारी करते समय प्रावधान का जिक्र करना जरूरी नहीं है और न ही प्रस्ताव पर राष्ट्रपति की सहमति लेनी जरूरी है। संविधान पीठ डीएसपीई एक्ट को संवैधानिक ठहरा चुकी है और कई फैसलों में सुप्रीम कोर्ट कह चुका है कि सीबीआइ का गठन डीएसपीई एक्ट के तहत हुआ है।
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ऐसे में हाई कोर्ट सीबीआइ को असंवैधानिक नहीं ठहरा सकता। इस मामले में डीओपीटी की तरफ से याचिका डालने का याचिकाकर्ता नवेंद्र कुमार ने विरोध करते हुए कहा था कि चूंकि डीओपीटी हाई कोर्ट में वादी नहीं था इसलिए वह अर्जी दाखिल नहीं कर सकता। लेकिन खंडपीठ ने उनकी दलील खारिज कर दी थी। अटार्नी जनरल ने कोर्ट को आश्वासन दिया था कि सीबीआइ और गृह मंत्रालय इस पर अलग से याचिका दायर करेंगे।
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