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UGC का बड़ा फैसला: नए सेशन से MOT और MPT में मिलेगी स्पेशलाइजेशन डिग्री, 33 नए कोर्स भी मंजूर

Published: Fri, 18 Sep 2026 10:51 PM (IST)

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी 21 डिग्रियों के नाम व अवधि में बदलाव को मंजूरी दी है, साथ ही 33 नए कोर्स भी स्वीकृत किए हैं।

यूजीसी ने 21 स्वास्थ्य डिग्रियों के नाम व अवधि में बदलाव को मंजूरी दी

यूजीसी ने 21 स्वास्थ्य डिग्रियों के नाम व अवधि में बदलाव को मंजूरी दी

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने हेल्थ सेक्टर से जुड़े करीब 21 डिग्रियों के नाम व अवधि में बदलाव को मंजूरी दी है। साथ ही इस क्षेत्र की जरूरत से जुड़े करीब 33 नए कोर्स को मंजूरी दी है।

इनमें जो अहम बदलाव है, वह मास्टर ऑफ फिजियोथेरेपी (एमपीटी) और मास्टर ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरपी ( एमओपी) को लेकर है। जिनकी डिग्रियां शैक्षणिक सत्र 2026-27 से स्पेशलाइजेशन के साथ दी जाएगी।

अब तक इसे लेकर सामान्य डिग्री ही दी जाती थी। हालांकि जो छात्र 2026-27 से पहले इन कोर्सों में दाखिला ले चुके है, उन्हें पहले की तरह सामान्य डिग्री ही मिलेगी।

यूजीसी ने एमपीटी को लेकर आठ स्पेशलाइजेशन जैसे मस्कुलोस्केलेटल, न्यूरो, कार्डियो-पल्मोनरी और स्पोर्ट्स आदि क्षेत्रों में डिग्री देने को मान्यता दी है। इस तरह एमओटी में नौ स्पेशलाइजेशन डिग्रियों को मंजूरी दी गई है। यूजीसी ने हेल्थकेयर सेक्टर की कई डिग्रियों की अवधि में बदलाव किया है।

जैसे बीपीटी व बीओटी की अवधि को अब साढ़े चार साल से बढ़ाकर पांच साल कर दिया है। वहीं बैचलर ऑफ आप्टोमेट्री कोर्स की अवधि भी अब पांच वर्ष होगी। इसके साथ ही एलाइड और हेल्थ केयर सेक्टर से जुड़े 33 नए डिग्री कोर्स को भी शुरू करने की मंजूरी दी गई है।

ये कोर्स मेडिकल लैबोरेट्री साइंसेज, इमरजेंसी मेडिकल टेक्नोलाजी और डायलिसिस थेरेपी, जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हैं। ये सभी डिग्रियां नेशनल कमीशन फार एलाइड एंड हेल्थ केयर प्रोफेशन्स के अधीन काम करेगी।